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अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निरोधक अधिनियम (एससीएसटी एक्ट) में सुप्रीम कोर्ट के बदलावों का समर्थन करते हुए योगी कैबिनेट में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने मोदी सरकार की और दाखिल की गई पुनर्विचार याचिका का विरोध किया है.

राजभर ने कहा कि इस कानून का भी दहेज उत्पीड़न रोधी अधिनियम की तरह ही दुरुपयोग किया जाता है और अक्सर बेगुनाह लोग भी उत्पीड़ित होते हैं. उन्होंने कहा कि इस एक्ट के तहत मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी की जांच के बाद ही किसी मामले का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए. साथ ही जो दोषी हैं, उसी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

केंद्र सरकार द्वारा दाखिल की गई पुनर्विचार याचिका पर राजभर ने कहा कि वोट के लिए कुछ भी किया जा सकता है. सारा काम इसी के लिए हो रहा है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने गत 20 मार्च को दिए गए एक आदेश में एससी-एसटी कानून के तहत तुरंत गिरफ्तारी और फौरन मुकदमा दर्ज किए जाने पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज होने वाले केसों में अग्रिम जमानत को भी मंजूरी दे दी.

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सुप्रीम कोर्ट के इस बदलाव के फैसले के विरोध में 2 अप्रैल (सोमवार) को दलित संगठनों के भारत बंद के चलते कल कई राज्यों में प्रदर्शन हिंसक हो गया. प्रदर्शनों के दौरान 10 राज्य जल उठे और पूरे देश से 14 लोगों की मौत हो गई.

मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा हिंसा और प्रदर्शन देखने को मिला, जहां इस साल के आखिर में चुनाव होने हैं. मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा 7, यूपी और बिहार में तीन-तीन, वहीं राजस्थान में एक की मौत हुई है.

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