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कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही सियासी संग्राम भी शुरू हो गया है. कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी को चुनौती दी थी कि उन्‍हें संसद में 15 मिनट तक बोलने के लिए वक्त दे दिया जाए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके सामने टिक नहीं सकेंगे. राहुल ने ये बयान 23 अप्रैल में दिल्‍ली के तालकटोरा स्‍टेडियम में एक सभा को संबोधित करते हुए दिया था.

कांग्रेस अध्‍यक्ष ने कहा था, ‘पहली बार सरकार ने संसद को रोका. मोदी जी संसद में खड़े होने से घबराते हैं. उन्होंने नीरव मोदी के लिए संसद ठप कर दी. मुझे संसद में 15 मिनट का वक्त दे दीजिए, वह मेरे सामने खड़े नहीं हो पाएंगे. वह नीरव मोदी और राफेल के मुद्दे पर जवाब नहीं दे सकेंगे.’

राहुल के इस बयान के जवाब में कर्नाटक की एक चुनावी रैली में पीएम मोदी ने पलटवार किया. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस अध्‍यक्ष ने मुझे चुनौती दी है कि अगर वह 15 मिनट संसद में बोलेंगे तो मैं वहां बैठ नहीं पाऊंगा. लेकिन, यदि वह 15 मिनट बोलेंगे तो वह भी बड़ी बात होगी. मैं कांग्रेस अध्‍यक्ष के सामने बैठ नहीं सकता. आप नामदार हैं, हम कामदार हैं. हम तो अच्‍छे कपड़े भी नहीं पहन सकते तो आपके सामने बैठेंगे कैसे? आप हाथ में कागज लिए बगैर कर्नाटक सरकार की उपलब्धियां ही जनता के सामने बोल दीजिए.’

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पीएम मोदी के इस बयान पर अब महिला कांग्रेस की अध्‍यक्ष सुष्मिता देव ने पीएम मोदी को चुनौती दी है. ‘आज तक’ के अनुसार, सुष्मिता ने कहा कि प्रधानमंत्री बिना झूठ बोले 15 मिनट तक कुछ बोलकर दिखाएं। कांग्रेस नेता के मुताबिक, पीएम मोदी के पास जय शाह (भाजपा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह के बेटे), राफेल डील और पीयूष गोयल से जुड़े मुद्दों पर कोई जवाब नहीं है.

सुष्मिता ने कहा, ‘राहुल गांधी जिस भाषा में भी बोलेंगे, सच ही बोलेंगे. राहुल ने राफेल मुद्दे पर बोलने की बात कही है. क्‍या प्रधानमंत्री 15 सेकेंड भी भ्रष्‍टाचार और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर बोल सकते हैं?’.