दिल्ली के आर्कबिशप अनिल काउटो द्वारा पादरियों को लिखे खत में भारत की राजनीतिक स्थिति को अशांत बताने का  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री तथा तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सर्मथन किया है.

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, ममता बनर्जी ने कहा, “हम सभी समुदायों, जातियों तथा देशभर के आर्कबिशपों का सम्मान करते हैं, जिनमें कोलकाता के आर्कबिशप भी शामिल हैं… मेरा मानना है कि उन्होंने जो भी कहा है, बिल्कुल सही कहा है…”​

दरअसल, आर्कबिशप अनिल काउटो ने अपने पत्र में कहा था कि ‘हमलोग वर्ष 2019 की ओर बढ़ रहे हैं जब हमें नई सरकार मिलेगी. ऐसे में हमें 13 मई से अपने देश के लिए प्रार्थना अभियान शुरू करना चाहिए.’  उन्होंने लिखा था, ‘मौजूदा अशांत राजनीतिक मौहाल संविधान में निहित हमारे लोकतांत्रित सिद्धांतों और हमारे देश के धर्मनिरपेक्ष तानेबाने के लिए खतरा बन गया है.’

इस पत्र के सामने आने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘भारत में सभी अल्पसंख्यक सुरक्षित है और यह एक मात्र ऐसा देश है जहां पर मजहब के नाम पर भेदभाव नहीं होता है.’ उन्होंने कहा, मैंने आर्कबिशप का कोई खत नहीं देखा है, लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि भारत उन देशों में से एक है जहां अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं और किसी को जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव करने की अनुमति नहीं है.’

वहीँ अल्पसंख्य मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि मोदी सरकार सबका साथ सबका विकास के मूल मंत्र के साथ हर तबके के कल्याण की योजनाओं पर काम कर रही है.

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