भारत के राष्ट्रगान में बदलाव की मांग प्रबल होती जा रही है. कांग्रेस के बाद बीजेपी ने भी राष्ट्रगान के कुछ शब्दों को हटाने की मांग की है.

हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कहा है कि ‘ठीक बात है. सिंध शब्द को हटाना चाहिए. इसके साथ ही अधिनायक शब्द को भी हटाना हटाना चाहिए. क्योंकि अधिनायक का मतलब होता है तानाशाह, और भारत में अब कोई तानाशाह नहीं होता है. इस शब्द को हटाने पर विचार किया जाना चाहिए.’

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बता दें कि शुक्रवार (16 मार्च) को कांग्रेस सांसद रिपुन बोरा ने राज्यसभा में प्राइवेट मेंबर रिज्योलूशन पेश कर राष्ट्रगान  में से ‘सिंध’ शब्द को हटाकर ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया’ रखने की मांग की गई थी.

बोरा ने प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘सिंध’ शब्द सिंध प्रांत का प्रतिनिधित्व करता है, जो अब भारत का नहीं बल्कि पाकिस्तान का हिस्सा है. इसे हटाना चाहिए और देश के एक महत्वपूर्ण हिस्से ‘उत्तर-पूर्व’ क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले शब्द को जोड़ा जाना चाहिए.

ध्यान रहे रबींद्रनाथ टैगोर ने भारत का राष्ट्रगान 1911 में लिखा था. संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को रविंद्र नाथ टैगोर के लिखे ‘जन-गण-मन’ को राष्ट्रगान के तौर पर मान्यता दी थी. उस वक्त भारत का भू-भाग बलूचिश्तान से लेकर पूर्व में सिलहट तक फैला था. देश का बंटवारा हुआ तो उन इलाकों के कई हिस्से पाकिस्तान और बांग्लादेश में चले गए.