हैदराबाद की ऐतिहासिक मक्‍का मस्जिद विस्‍फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत द्वारा स्वामी असीमानंद समेत सभी 5 आरोपियों के बरी हो जान को लेकर एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी भड़के हुए है.

बुधवार को एक कार्यक्रम के दौरान  उन्होंने उएनआईए को पिंजरे में बंद तोता बताते हुए कहा, ‘अगर इस ब्लास्ट में मारे गये किसी भी पीड़ित का परिवार इस फैसले के खिलाफ अपील करना चाहता है, तो मैं उसे कानूनी सहायता उपलब्ध करवाने के लिए तैयार हूं. लोग एनआईए को पिंजरे का तोता कहते हैं, मगर मैं इसे अंधा और बहरा तोता भी कहूंगा.’

इससे पहले ओवैसी ने एनआईए स्पेशल कोर्ट के जज रवींद्र रेड्डी के इस्तीफे को लेकर कहा था कि ”जिस जज ने मक्का मस्जिद धमाके में सभी अभियुक्तों को बरी किया है उसने इस्तीफ़ा दे दिया है. यह पहेलीनुमा है और मैं इस फ़ैसले से काफ़ी हैरान हूं.”

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

इससे पहले कोर्ट के फैसले को लेकर भी ओवैसी ने कड़ी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि इंसाफ नहीं किया गया. अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘जून 2014 के बाद अधिकतर गवाह पलट गए. एनआईए ने इस मामले को आगे नहीं बढ़ाया, जैसा कि अपेक्षित था. ‘राजनीतिक मास्टर्स’ द्वारा अनुमति नहीं दी गई. प्रश्न ये है कि अगर ऐसी पक्षपाती अभियोजन जारी रहेगी तो आपराधिक न्याय प्रणाली की क्या स्थिति होगी?’ उन्होंने कहा कि न्याय नहीं किया गया. एनआईए और मोदी सरकार ने जमानत के खिलाफ अपील भी नहीं की. यह एक पूर्ण पक्षपाती जांच थी जो कि आतंकवाद से लड़ने के हमारे संकल्प को कमजोर करेगी. इस हमले में 9 की मौत हुई थी और कई घायल हुए थे.

ओवैसी ने कहा, ‘NIA एक बहरा और अंधा तोता है. एजेंसी ने आरोपियों के बेल के खिलाफ अपील नहीं की. गवाह अपने बयान से पलट गए.’

Loading...