अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर सियासी बवाल के बीच केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि देशभक्ति के मामले में AMU पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है.

नकवी ने कहा कि जिन्ना भारतीय मुसलमानों और हिंदुस्तान के आदर्श नहीं हैं. यह एक संवेदनशील मुद्दा है, इसमें किसी तरह का विवाद करके संवेदनशीलता को खराब करने की जरूरत नहीं है.

मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, मुझे पूरा यकीन है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों और प्रशासन की राष्ट्रभक्ति पर कोई सवाल खड़ा नहीं किया जा सकता. यह संस्थान हमेशा से देश को मजबूत करने में योगदान देता आया है.

बीजेपी सांसद सतीश गौतम के पत्र पर उन्होंने कहा, ‘मैं यह कह रहा हूं कि अब इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.’ छात्र संघ के फोटो लगे रहने के तर्क पर नकवी ने कहा कि 1938 के बाद देश के अंदर बहुत कुछ बदला है. जो लोग तर्क दे रहे हैं उनको इस बात का एहसास करना चाहिए.

बता दें कि विश्वविद्यालय के प्रवक्ता शाफे किदवई ने दशकों से लटकी जिन्ना की तस्वीर का बचाव किया और कहा कि जिन्ना विश्वविद्यालय के संस्थापक सदस्य थे और उन्हें छात्रसंघ की आजीवन सदस्यता दी गई थी.

प्रवक्ता ने कहा, ‘जिन्ना को भी 1938 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्रसंघ की आजीवन सदस्यता दी गई थी. वह 1920 में विश्वविद्यालय कोर्ट के संस्थापक सदस्य और एक दानदाता भी थे.’उन्होंने कहा कि जिन्ना को मुस्लिम लीग द्वारा पाकिस्तान की मांग किए जाने से पहले सदस्यता दी गई थी.

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