भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय द्वारा बांग्लादेशियों को पोहा खाने की वजह से पहचानने वाले बयान पर एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने तंज़ कसा है। ओवैसी ने कहा है कि “मजदूरों को पोहा नहीं खाना चाहिए। उन्हें केवल और केवल हलवा ही खाना चाहिए, तभी वे भारत के शहरी कहलाएंगे। अन्यथा वे ‘बाहरी’ माने जाएंगे।

इसके पूर्व शिवसेना ने विजयवर्गीय के बयान को पोहा खाने वालों को अपमान बताया है। विजयवर्गीय पर तंज कसते हुए शिवसेना ने कहा कि इंदौर के नेता ने पोहा खाने वालों का अपमान किया है। शिवसेना ने सवाल किया कि आखिर पोहा खाने वाले बांग्लादेशी कैसे हैं? बता दें कि कैलाश विजयवर्गीय ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि कुछ मजदूरों को उन्होंने पोहा खाते हुए देखा था जब उन्होंने इसकी पड़ताल की तो वह बांग्लादेशी निकले।

वहीं कांग्रेस नेता सुष्मिता देव ने भी इस पर बयान दिया और कहा कि “अगर भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ नेता इस तरह का बयान कर सकते हैं कि कंस्ट्रक्शन लेबर क्या खाना खा रहे हैं, उस खाने को देखकर उनको लगता है कि वो घुसपैठिए हैं तो आप सोच सकते हैं कि अगर NPR हुआ तो आम जनता का क्या होगा।”

गुरुवार को बीजेपी नेता ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा था कि उनके घर पर काम करने वाले कुछ मजदूर बांग्लादेश के निवासी मिले। उन्होंने बताया था कि उनके छोटे बेटे का अगले महीने विवाह है। उसका कमरा मजदूर तैयार कर रहे थे। जब वह घर पहुंचे तो पांच-छह मजदूर एक ही थाली में पोहे खा रहे थे। बताया कि नौकर से पूछा तो उसने कहा कि ये सिर्फ पोहे ही खाते हैं।

भाजपा महासचिव से इन संदिग्ध लोगों के बारे में सवाल किए जाने पर कहा, “मुझे शंका थी कि ये मजदूर बांग्लादेश के रहने वाले हैं। मुझे संदेह होने के दूसरे ही दिन उन्होंने मेरे घर काम करना बंद कर दिया था।” उन्होंने कहा, “मैंने पुलिस के सामने इस मामले में फिलहाल शिकायत दर्ज नहीं कराई है। मैंने तो केवल लोगों को सचेत करने के लिये उन मजदूरों का जिक्र किया था।”

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