नई दिल्ली । राफ़ेल विमान सौदे मोदी सरकार के गले की हड्डी बनता जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री मोदी पर घोटाला करने और अपने उधोगपति दोस्तों को फ़ायदा पहुँचने का आरोप लगा रहे है। गुरुवार को उन्होंने प्रेस वार्ता में पीएम मोदी को भ्रष्ट तक बता दिया। उन्होने कहा कि अगर मोदी जी राफ़ेल सौदे पर अपनी चुप्पी नही तोड़ते है तो यह माना जाएगा कि अनिल अम्बानी का प्रधानमंत्री भ्रष्ट है।

प्रधानमंत्री मोदी पर इस बड़े हमले के बाद मोदी सरकार की और से राहुल को जवाब देने के लिए केंद्रीय मंत्रियो की फ़ौज उतारी गयी है। वित्त मंत्री अरुण जेटली से लेकर, क़ानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद, कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र शेखावत, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और रेल मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल के आरोपो का जवाब दिया। शुक्रवार को निर्मला सीतारमण की सफ़ाई के बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल मीडिया के सामने आए।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने फेक न्यूज के जरिए देश भर में झूठ फैलाने का प्रयास किया है। जबकि यूपीए ने एनडीए की तुलना में बेहतर सौदा किया है। दसॉ कंपनी के सीईओ ने साफ-साफ पुष्टि की है कि उन्होंने ऑफसेट को लागू करने के लिए अपनी इच्छा से पार्टनर को चुना था। पीयूष गोयल ने कहा कि यह जेंटलमैन फेक न्यूज फैला रहे हैं।

राफेल डील पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बीजेपी दफ्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सरकार ने 2007 और 2012 में यूपीए के समय हुए समझौते की तुलना में बेहतर समझौता किया है। हमें तेज डिलीवरी, मरम्मत का लंबा समय और स्पेयर पार्ट्स की बेहतर उपलब्धता हासिल हुई है। पीयूष गोयल ने कहा कि कल (गुरुवार को) हम हमें दसॉल्ट एविएशन के सीईओ से और भी अधिक स्पष्टता मिली, जिन्होंने स्पष्ट रूप से पुष्टि की है कि ऑफसेट को लागू करना जरूरी था। इसलिए उन्होंने खुद ऑफसेट्स को लागू करने के लिए साझेदारों को चुना।

उन्होंने आगे कहा कि यह समय आ गया है कि कांग्रेस को समझ जाना चाहिए कि यह सरकार पारदर्शिता और संभावना के उच्चतम मानकों की सरकार है। जिसने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में बहुत आवश्यक कदम उठाए हैं । पीयूष गोयल ने कहा कि ऑफसेट पर अंतिम प्रतिक्रिया 2019 के अंत तक उपलब्ध होगी। झूठ को बार-बार बोलने से सच बदल जाने वाला नहीं है। कांग्रेस और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को देश को अभी कई सवालों के जवाब देने हैं। पीयूष गोयल ने आगे कहा कि उन्होंने अब तक न तो अरुण जेटली, न रविशंकर प्रसाद और न ही निर्मला सीतारमण के आरोपों का जवाब दिया है। कांग्रेस एक मुद्दीविहीन पार्टी है।

रेलमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी ने फ्रांस की मीडिया रिपोर्ट को तोड़ मरोड़ को पेश किया। यहां तक की सुप्रीम कोर्ट के अवलोकन को भी कांग्रेस द्वारा ट्विस्ट किया गया. कांग्रेस संभवतः 2012 के अपने स्वयं के अपराधों को छिपाने की कोशिश कर रही है, जहां पहले परिवार के सहयोगियों के दबाव में, उन्होंने इस तरह के एक महत्वपूर्ण लेनदेन को रद्द कर दिया और भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया।