आरएसएस के खिलाफ बोलने से मेरी ही पार्टी के लोग रोकते हैं: दिग्विजय सिंह

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मध्य प्रदेश में आरएसएस के मध्य भारत प्रांत के कार्यालय से सुरक्षा हटा ली गई थी। जिसे बाद में दिग्विजय सिंह की मांग पर कमलनाथ सरकार ने फिर से बहाल कर दिया है।

राजधानी में आरएसएस मुख्यालय की सुरक्षा वापस लगाए जाने के एक सवाल पर दिग्विजय सिंह ने चुपी तोड़ते हुए कहा कि संघ के खिलाफ बोलने से उनकी पार्टी के लोग ही मना करते है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि धर्म से राजनीति होनी चाहिए, लेकिन भाजपा राजनीति के लिए धर्म का सहारा लेती है।

उन्होंने कहा कि आरएसएस के खिलाफ बोलने से मेरी ही पार्टी के लोग मना करते हैं। मैं कहता हूं क्यों न बोलूं आरएसएस के खिलाफ..क्या इन्होंने ही हिंदुओं का ठेका लिया है..इन ठगों से ज्यादा बेहतर हिंदू तो हम हैं। मुझ पर उंगली उठाने वाले आरएसएस और भाजपा इस बात का जबाव दें..किस-किस ने नर्मदा परिक्रमा की है?

बता दें कि दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से आरएसएस के कार्यालय की सुरक्षा पर तत्काल अपना फैसला वापस लेने को कहा था। दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया कि भोपाल में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कार्यालय से सुरक्षा हटाना बिल्कुल उचित नहीं है। मैं मुख्य मंत्री कमलनाथ जी से अनुरोध करता हूँ कि तत्काल फिर पर्याप्त सुरक्षा देने के आदेश दें।

दिग्विजय सिंह की नाराजगी के बाद मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ ने कहा कि ये बात सच है कि हम आरएसएस के विचारों से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। लेकिन आरएसएस दफ्तर से सुरक्षा हटाने का वो समर्थन भी नहीं करते हैं। इस संबंध में पुलिस का स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वो संघ कार्यालय की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

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