Sunday, October 17, 2021

 

 

 

प्रेस कन्फ्रेंस में कुमार विश्वास ने कहा, राज्यसभा में जाना चाहता हूं

- Advertisement -
- Advertisement -

नई दिल्लीः एबीपी न्यूज के कार्यक्रम प्रेसकॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास ने देश में फैले राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रविरोधी के मुद्दे पर जोरदार तंज कसा है. शो के एंकर दिबांग ने जब कुमार विश्वास से राष्ट्रभक्ति को लेकर सवाल पूछा जो विश्वास ने कहा, ”मैं फर्जी राष्ट्रवाद के खिलाफ हूं. हमारे भारतीय जनता पार्टी और दक्षिणपंथी जो मित्र हैं उनमें से 90 फीसदी लोगों के बारे में मैं ये कह सकता हूं कि राष्ट्र शब्द कहा से आया ये उन्हें पता नहीं होगा. उन्हें ऋग्वेद का वह वाक् सूत्र नहीं पता होगा जहां राष्ट्र शब्द पहली बार आया.”

प्रेस कन्फ्रेंस में कुमार विश्वास ने कहा, राज्यसभा में जाना चाहता हूं

विश्वास ने आगे कहा कि, ”दरअसल ये एक कोशिश है. जैसे 90 के दशक में कोशिश थी कि पूरे देश को हिंदूत्व विरोधी बताया गया, जबकि सनातन परंपरा को उनको कुछ पता नहीं है, हिंदू तो शब्द ही अक्रांताओं का दिया हुआ है. मैं उस फर्जी राष्ट्रवाद के खिलाफ हूं जो पं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को कश्मीर में बेचता है. एक ध्वज की बात करने वाले पीएम जी वहां दो ध्वज के बीच बैठकर शपथ समारोह देखते हैं. जो पीडीपी अपने घोषणापत्र में ये कहता है कि कश्मीर में पाकिस्तान और भारत दोनों की मुद्राएं चलनी चाहिए. उस पीडीपी की बुआजी के चरणों में शास्त्रार्थ किए पड़े हैं राम माधव से लेकर सभी बीजेपी धुरंधर. मैं चूकिं सच्चा राष्ट्रवादी हूं इसलिए फर्जी राष्ट्रवाद से चिढ़ता हूं.”
राज्यसभा सदस्य के सवाल पर कुमार विश्वास ने कहा, ”इसमें हिप्पोक्रेसी क्या करुं कि पार्टी जो करेगी वही करुंगा. मैं चाहता हूं कि मैं वहां जाऊं, वहां अपनी बात प्रभाव और क्षमता के साथ रखूं. अगर पार्टी कहती है कि मुझे 2019 में पिछली बार की तरह लोकसभा चुनाव लड़ना पड़ता है और वहां अमेठी जैसा ना हो लोग मत दे दें मुझे तो मैं लोकसभा में भी जाना चाहूंगा. अगर पार्टी कहेगी कि दोनों में नहीं जाना तो कोई बात नहीं जो काम दिया जाएगा वो कर लूंगा, मुझे लगता है पार्टी का भी मन होगा. इसमें क्या झूठ बोलना ये बड़ा हिप्पोक्रेसी है कि नही, नहीं पार्टी विचार धारा. पार्टी तुम्हीं हो यार, चार आदमी 6 आदमी 100 आदमी मिलकर ही डिसाइड करते हैं. इसमें क्या दिक्कत है, कोई और चला जाएगा तो उसमें भी क्या दिक्कत है. लेकिन राज्यसभा पहले हैं तो मैं चाहता हूं कि मैं जाऊं.  वहीं लोकसभा 2019 में है जिसमें अभी वक्त है.” ”

मैं राज्यसभा में जाना चाहता हूं मैं चाहता हूं कि मैं वहां जाऊं अपनी बात रखूं. पार्टी के पास तीन सीटें भी हैं. अगर पार्टी चाहेगी कि मैं पिछली बार की तरह लोकसभा में जाऊं तो उसके लिए भी मैं तैयार हूं.
दिंबाग का सवाल- राहुल गांधी का जेएनयू जाने का फैसला सही था या गलत?
जवाब- गलत था, बिल्कुल गलत था, उनपर मैंने एक मुहावरा बोला था वह एकदम सही है, ‘देश पेन में होता है राहुल गांधी स्पेन में होते हैं’. बीच में खबर आती है कि वह देश में है नहीं फिर तस्वीर दिखाई जाती है कि वह उत्तराखंड के जंगल में हैं. जैसा होता है ना तेंदुआ दिखाई दिया मुंबई के बाहरी ईलाकों में. फिर वो आते हैं और बताते हैं कि थाईलैंड गया था चिंतन करने. थाईलैंड हम भी गए हैं लेकिन हमें नहीं पता था कि वहां जो होता है उसे चिंतन कहते हैं. चिंतन तो भारत में ही कर लेते. ऐसे में उन्हें पता भी नहीं होगा कि बात क्या है विमर्श क्या है. और जेएनयू पहुंच गए. उन्हें कुछ बोलना था तो कहते . लेकिन मुझे लगता है कि वहां जाना शुद्ध राजनीतिज्ञ था.

दिंबाग का सवाल- आम आदमी पार्टी में नंबर 2 कौन है सिसौदिया या संजय सिंह?
जवाब- मुझे लगता है कि हमारे यहां केवल नंबर वन है जो हमारे लीडर हैं उसके अलावा सभी नंबर 2 हैं. मनीष सरकार में नंबर दो के पद पर हैं संजय भी काफी मेहनती साथी हैं. इन दिनों पंजाब के लिए मेहनत कर रहे हैं. जब कभी भी संवाद करना होता है तो कुछ 7-8 लोग हैं जिन्हें फोन कर बुलाया जाता है जिनमें मनीष, संजय मैं गोपाल भाई भी होते हैं.
लेकिन जाहिर है मनीष ही नंबर दो पर हैं वह सरकार काफी मेहमत से चला रहे हैं , वह केजरीवाल के आंदोलन में भी उनके सबसे पहले साथी हैं. और काम के लिहाज से भी सभी में सीनियर हैं.

दिंबाग का सवाल- भ्रष्टाचार की लड़ाई में बड़ी भूमिका किसकी रही, अरविंद केजरीवाल या अन्ना?

जवाब- अन्ना हजारे, अन्ना हजारे के ही आंदोलन से ये विमर्श बना कि क्या दिल्ली में सरकार बने, ये बिलकुल गलत है अगर मैं ये कहूं कि आंदोलन में प्राइमरी भूमिका अरविंद की रही. अरविंद उस पूरे आंदोलन के स्ट्रैटजिक थे. उन्होंने बनाया, पहली बार सोचा कि अन्ना को लाया जाय. फ्रेम वर्क बनाया मंच लगने से कौन बोलेगा इस तक में उनकी भूमिका रही. लेकिन उसका फेस, उसके प्रेरणा स्त्रोत , उसके आइकन बने. उन्हें देख कर हजारों लाखों लोग रोए. लोगों के मन में करुणा जागी. भ्रष्टाचार घर-घर का विमर्श बना. (ABP)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles