Saturday, July 24, 2021

 

 

 

पवन वर्मा की NPR पर नीतीश कुमार को चिट्ठी, बताया – सामाजिक अशांति को पैदा करने का एजेंडा

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जदयू महासचिव पवन वर्मा ने रविवार को पार्टी अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीएए-एनपीआर-एनआरसी योजना को स्पष्ट तौर पर खारिज करने का अनुरोध करते हुए चिट्ठी लिखकर कहा कि यह कानून भारत को बांटने और अनावश्यक सामाजिक अशांति को पैदा करने का एजेंडा है।

पत्र में उन्होंने लिखा है, “सीएए और एनआरसी हिंदुओं और मुसलमानों को विभाजित करने और सामाजिक अस्थिरता पैदा करने का एक सीधा प्रयास है। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि सीएए, एनपीआर, एनआरसी योजना के खिलाफ स्टैंड लें और भारत को विभाजित करने के नापाक एजेंडे को खारिज करें।”

नीतीश कुमार को लिखे खुले पत्र में वर्मा ने बिहार के उपमुख्यमंत्री व भाजपा नेता सुशील मोदी द्वारा की गई घोषणा को एकतरफा बताया। उन्होंने कहा कि सुशील मोदी इस बात की घोषणा कैसे कर सकते हैं कि राज्य में 15 मई से 28 मई के बीच राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर का कार्य होगा जबकि नीतीश कुमार राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के खिलाफ हैं।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से दिए गए आपके विचारों और लंबे समय से चले आ रहे धर्मनिरपेक्ष नजरिए को देखते हुए क्या मैं आपसे अनुरोध कर सकता हूं कि आप सीएए-एनपीआर-एनआरसी योजना के खिलाफ सैद्धांतिक रुख लें और भारत को बांटने व अनावश्यक सामाजिक अशांति पैदा करने के के नापाक एजेंडा को खारिज करें।

वर्मा ने कहा कि इस संबंध में आपका स्पष्ट सार्वजनिक बयान भारत के विचार को संरक्षित करने एवं मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा. मैं जानता हूं कि आप खुद प्रतिबद्ध हैं। थोड़े समय के राजनीतिक लाभ के लिए सिद्धांत की राजनीति को बलि नहीं चढ़ाया जा सकता। अपने पत्र में वर्मा ने कहा कि सीएए-एनआरसी का संयुक्त रूप हिंदू-मुस्लिमों को बांटने और सामाजिक अस्थिरता पैदा करने का सीधा प्रयास है।

पवन वर्मा से पहले जेडीयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर भी सीएए का खुलकर विरोध कर चुके हैं। प्रशांत किशोर ने कहा था कि नागरिकता संशोधन विधेयक और एनआरसी का सत्ता के साथ गठजोड़ खतरनाक है। जेडीयू को इसका समर्थन करने से पहले सोचना चाहिए।

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