कांग्रेस ने बहुचर्चित नागरिकता संशोधन विधेयक के प्रस्तावित बिल का विरोध करने का फैसला किया है। कांग्रेस के साथ तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी, सपा, माकपा, भाकपा, द्रमुक और राजद समेत करीब आठ राजनीतिक दल बिल के खिलाफ है। इसी बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस नेता शशि थरूर का नागरिकता संसोधन बिल पर एक बयान आया है।

शशि थरूर ने कहा है कि नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) के पारित होने का मतलब महात्मा गांधी के विचारों पर मोहम्मद अली जिन्ना के विचारों की जीत होगी। इसके अलावा उन्होंने कहा है कि धर्म के आधार पर नागरिकता देने से भारत का स्तर गिरकर ‘‘पाकिस्तान का हिन्दुत्व संस्करण’’ हो जाएगा।

हालांकि, थरूर ने कहा है कि यदि नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) पारित होता है तो मुझे विश्वास है कि उच्चतम न्यायालय संविधान के मूल सिद्धांतों के ‘खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन’ को अनुमति नहीं देगा। आपको  बता दें कि कल (सोमवार) को सदन में अमित शाह नागरिकता संसोधन बिल के पेश करेंगे।

वहीं कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने इस पर पार्टी के रुख को लेकर साफ कहा कि विधेयक संविधान की भावना के खिलाफ है और हम इसका विरोध करेंगे। नागरिकता संशोधन बिल अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारत की नागरिकता देने का रास्ता साफ करेगा।

बिल में इन देशों से आए हिन्दू, बौद्ध, सिख, पारसी, जैन और इसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान किया गया है जबकि मुस्लिम इसमें शामिल नहीं हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि इसमें एक धार्मिक समुदाय को बाहर किया जाना सभी को बराबर मानने की संविधान की भावना के खिलाफ है।

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