स्टिंग में बोले पप्पू यादव – राजनीति का मतलब सेवा धर्म नहीं, जितनी दोगलई, उतनी सफलता

टीवी 9 के ऑपरेशन भारतवर्ष के स्टिंग में जन अधिकार पार्टी के संरक्षक और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव भी फँसते हुए नजर आ रहे है. स्टिंग में वह एक तथाकथित कारोबारी से पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के लिए राजी होते नजर आ रहे हैं.

स्टिंग ऑपरेशन में सांसद ने कैमरे पर कहा, ‘राजनीति का मतलब सेवा धर्म नहीं है, जितनी दोगलई करो, उतनी ही सफलता मिलती है.’ उन्होंने चुनाव के दौरान खर्च का ब्योरे देते हुए भी कैमरे में कैद हो गये. वह कहते हैं कि सोशल मीडया पर ही करीब हर महीने का 10 से 12 लाख रुपये खर्च होता है. कैमरे के सामने उन्होंने कबूला कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में पांच करोड़ रुपये खर्च किये थे. वहीं, इस बार ज्यादा खर्च होने की संभावना जतायी है. पिछले चुनाव में 5-6 करोड़ रुपये खर्च होने और इस बार करीब 7-8 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कहते हुए सांसद कैमरे में कैद हो गये.

पप्पू ने माना कि चुनाव में दो-ढाई करोड़ रुपये कैश ही बांटने पड़ते हैं. वहीं, भागदौड़ में एक-सवा करोड़ रुपये का खर्च आने की बात कही है. चैनल के मुताबिक, उन्होंने चुनाव प्रचार के लिए हेलीकॉप्टर, रथ की मांग करने के साथ-साथ पत्नी व कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन के लिए भी फंडिंग किये जाने की मांग की. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पैसे को कैश में अपने घर पर ही देने की बात कही.

रिपोर्ट के मुताबिक, यह स्टिंग 7 फरवरी 2019 को दिल्ली में किया गया। चैनल के रिपोर्टर फर्जी कंपनी के प्रतिनिधि बनकर सांसद यादव के सरकारी आवास पर पहुंचे थे। अंडरकवर रिपोर्टरों ने पप्पू से कहा कि कंपनी के क्लायंट्स के कारोबार को बढ़ाने में उनकी मदद चाहिए। बदले में मोटी रकम देने का भरोसा भी दिया। इसके अलावा, चुनावी खर्च में मदद की भी पेशकश की गई। चैनल का दावा है कि पप्पू चुनावी फंडिंग के बदले हर मदद करने के लिए तैयार हो गए। सांसद पैसे लेकर संसद में कोई भी सवाल पूछने के लिए भी राजी नजर आए।

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