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अखिल भारतीय यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ असम (एआईयूडीएफ) आने वाले पंचायत चुनावों में 18 जिलों में अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारेगी। बता दें कि ये चुनाव 5 और 9 दिसंबर को दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे।

एआईयूडीएफ अपने उम्मीदवारों को हैंलकांडी, कचर, करीमगंज, नागांव, होजई, दरंग, सोनितपुर, विश्वनाथ, लखीमपुर, कामरूप (ग्रामीण), बारपेटा, गोलपाड़ा, नलबारी, बोंगाईगांव, धुबरी, मानकाचर, दक्षिण सल्मार और मोरीगांव में उतारेगी।

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एआईयूडीएफ प्रमुख बद्रुद्दीन अजमल ने रविवार को कहा कि पार्टी स्वतंत्र उम्मीदवारों को उन जगहों पर अपना समर्थन देगी जहां एआईयूडीएफ किसी भी उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारेगी। अजमल ने कहा, “पंचायत चुनाव में गठबंधन के बजाय उन्हें समर्थन देना बेहतर है।”

शनिवार को कोर कमेटी की बैठक के बाद अजमल ने कहा कि पार्टी केंद्र में कांग्रेस के साथ गठबंधन जारी रखेगी लेकिन राज्य में नहीं।अपने दृढ़ निर्णय को घोषित करते हुए कि एआईयूडीएफ अकेले पंचायत चुनाव लड़ेंगे, अजमल ने रविवार को कहा, “पार्टी जमीनी स्तर पर अकेले पंचायत युद्ध से लड़ना चाहते हैं। हम पार्टी कार्यकर्ताओं के विचारों का सम्मान करते हैं। “

अजमल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राज्य में अपने 15 साल के शासन के दौरान राज्य को बर्बाद कर दिया था।अजमल ने कहा, “हम कांग्रेस को बेनकाब करेंगे कि उन्होंने गांव पंचायतों में विकास कार्यों के लिए धन को बर्बाद किया।”

धायन रहे 2013 राज्य पंचायत चुनावों में 420 में से 72 जिला परिषद सदस्यों के साथ एआईयूडीएफ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी थी, जबकि तत्कालीन सत्तारूढ़ कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया था।

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