भारतीय रिजर्व बैंक ने द्वारा नोटबंदी से जुड़े आकड़े जारी करने के बाद कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए सीधा सवाल किया कि क्या मोदी सरकार ने नोटबंदी का फैसला ब्लैकमनी को वाइट करने के लिए लिया था ?

उन्होंने कहा, नोटबंदी के फैसले से देश को आर्थिक नुकसाना उठाना पड़ा है, चिदंबरम के मुताबिक आरबीआई ने कहा कि कुल 1544,000 करोड़ रुपये के 1,000 और 500 रुपये में से 16000 करोड़ रुपये के नोट वापस नहीं लौटे, जो कि लगभग 1 प्रतिशत के बराबर है. ऐसे में आरबीआई को शर्म करनी चाहिए कि उसने नोटबंदी का समर्थन किया.

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कांग्रेस नेता ने कहा, आरबीआई को 16 हजार करोड़ रुपये का फायदा तो हुआ पर उसे नए नोटों की छपाई पर 21 हजार करोड़ रुपये खर्च करना पड़ा है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नोटबंदी के कदम के पीछे जो अर्थशास्त्री था वह ‘नोबल पुरस्कार का हकदार’ है.

उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘आरबीआई को 16,000 करोड़ का ‘फायदा’ हुआ लेकिन नये नोटों की छपाई पर 21,000 करोड़ का ‘घाटा’. अर्थशास्त्री को नोबल पुरस्कार मिलना चाहिये.’

उन्होंने अगले ट्वीट में कहा, “99 फीसदी नोट वैधानिक तौर पर बदले जा चुके हैं! क्या नोटबंदी काले धन को सफेद करने के लिए बनाई गई योजना थी.”

वहीँ कांग्रेस ने कहा कि सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई और इस कवायद की वजह से 104 निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. प्रधानमंत्री को देश से माफ़ी मांगना चाहिए.

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