राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर या एनपीआर को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इससे जुड़े सवाल फाइनल हो चुके है। द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक रजिस्ट्रार जनरल ऑफ़ इंडिया (आरजीआई) ने ये जानकारी दी है।

आरजीआई ने बताया है कि एनपीआर के सवालों और शेड्यूल को अंतिम रूप दिया जा रहा है और जनगणना 2021 के पहले चरण के बारे में अभी जानकारी उपलब्ध नहीं है। बता दें कि एनपीआर 1 अप्रैल 2020 से शुरू होना था। लेकिन कोरोना महामारी की वजह से टाल दिया गया था।

इस खबर के सामने आने के बाद हैदराबाद से सांसद और AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी कड़ी प्रतिक्रिया जाहीर करते हुए कहा कि अगर नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर बनाने का शेड्यूल तय हो चुका है तो जल्द ही इसके विरोध का भी शेड्यूल फाइनल किया जाएगा।

उन्होने कहा, “एनपीआर एनआरसी की ओर पहला कदम है। भारत के गरीबों को इस प्रक्रिया में मजबूर नहीं किया जाना चाहिए जिसके परिणामस्वरूप उन्हें ‘संदिग्ध नागरिक’ के रूप में चिह्नित किया जा सकता है। यदि एनपीआर के काम के शेड्यूल को अंतिम रूप दिया जा रहा है, तो इसका विरोध करने के लिए कार्यक्रम को भी अंतिम रूप दिया जाएगा।”

बता दें कि 13 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने NPR को प्रस्तावित नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (NRC) और हालिया नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) के साथ लिंक करने का विरोध किया है।

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