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अयोध्या में बाबरी मस्जिद की जमीन राम मंदिर निर्माण के लिए सौंपे जाने की वकालत करने पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) से निष्कासित मौलाना सलमान नदवी ने कहा कि वह तभी बोर्ड में लौटेंगे, जब असदुद्दीन ओवैसी और कमल फारूकी सहित चार लोगों को बोर्ड से बाहर नहीं निकाल दिया जाता.

मौलाना नदवी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि आज अगर कोई कहता है कि असदुद्दीन ओवैसी को निकाल दो पर्सनल लॉ बोर्ड से तो मैं शामिल हो जाऊंगा, हजरत, निकालना क्या आप कहिए कि तू मस्जिद के लिए शहीद हो जा तो ये जान ले ली जाएगी तो मैं तैयार हूं, अगर मेरी मस्जिद बन जाती है मेरी मौत से अजब तो आप खुद अपने हाथों से मेरी जान ले लो, मगर मेरी मस्जिद का सौदा मत करो.

मौलाना नदवी ने रिपब्लिक टीवी की डिबेट में ओवैसी को लेकर कहा कि अगर ओवैसी को मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से नहीं निकाला जाएगा तो बोर्ड अपने आप खत्म हो जाएगा. दरअसल, मौलाना नदवी का कहना है की हंबली मसलक के मुताबिक, मस्जिद दूसरी शिफ्ट की जा सकती है. हम मस्जिद में बुत नहीं रख रहे, बल्कि मस्जिद शिफ्ट करने की बात कर रहे हैं. ये देश और मुसलमानों के हित में है.

वहीँ AIMPLB का कहना है कि वह अपने पुराने रुख पर कायम रहेगा, जिसके अनुसार, मस्जिद को न तो गिफ्ट किया जा सकता है, न बेचा जा सकता है और न शिफ्ट किया जा सकता है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला होगा वहीँ मंजूर होगा.

ध्यान रहे इस मुद्दें पर मौलाना नदवी और आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के श्रीश्री रविशंकर की कई बार मुलाक़ात हो चुकी है. हालांकि अब नदवी का कहना है कि अयोध्या मसले में हम कोई पक्षकार नहीं हैं. राम मंदिर और बाबरी मस्जिद मामले को हमने अपने एजेंडे से निकाल दिया है, अयोध्या मसले के जो पक्षकार हैं वो इसे खुद सुलझाएं.

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