केंद्र की मोदी सरकार द्वारा बंद की गई हज सब्सिडी को लेकर ऑल इंडिया मजलिस ए इतेहादुल मुसलिमीन के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने मोदी सरकार सवार हज सब्सिडी को मुस्लिम तुष्टिकरण बताये जाने की आलोचना की है.

इसी के साथ उन्होंने बड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि अयोध्या, काशी, मथुरा के तीर्थयात्रियों पर करोड़ो रु देना कब बंद होंगे. उन्होंने कहा, क्या बीजेपी योगी आदित्यनाथ सरकार को अयोध्या, काशी, मथुरा के तीर्थयात्रियों पर 800 करोड़ रुपये खर्च करने से रोकेगी?

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ओवैसी ने सवाल किया, क्या मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले हरेक तीर्थयात्री को मिलने वाले डेढ़ लाख रुपये रोक दिए जाएंगे? ओवैसी ने पूछा है कि बीजेपी की हरियाणा सरकार ने डेरा सच्चा सौदा समिति को एक करोड़ रुपये क्यों दिए? क्या यह वोट के लिए तुष्टिकरण नहीं है?

लोकसभा सांसद ने कहा, केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने मध्य प्रदेश सरकार को सिंहस्थ महाकुंभ के लिए क्यों 100 करोड़ रुपये दिए और मध्य प्रदेश सरकार ने उस पर 3400 करोड़ रुपये क्यों खर्च किए? क्या यह तुष्टिकरण नहीं है?

उन्होंने सवाल किया, राजस्थान सरकार ने साल 2017-18 में 38.91 करोड़ रुपये हज सब्सिडी के तौर पर दिए मगर मंदिरों के जीर्णोद्धार और हिन्दू पुजारियों की ट्रेनिंग पर 26 करोड़ रुपये खर्च किए. क्या यह तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति नहीं है?

ओवैसी ने कर्नाटक की कांग्रेस दरकार से भी पूछा – जो सरकार जनेऊधारी राजनीति कर रही है, वो भी चारधाम की यात्रा के लिए हर श्रद्धालु को 20 हजार रुपये दे रही है, क्या यह तुष्टिकरण नहीं है? ओवैसी ने कहा, ‘मैं वर्ष 2006 से कह रहा हूं कि इस रकम को मुस्लिम बच्चों खासकर लड़कियों की शिक्षा पर खर्च किया जाए.’