सिनेमाघरों में राष्ट्रगान को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने स्वागत किया है.

उन्होंने कहा कि, “किसी शख्स को राष्ट्रगान के वक्त जबरन खड़ा करना या इसके लिए किसी को प्रताड़ित करना सही बात नहीं है. इससे आप कभी भी किसी के दिल में राष्ट्रभक्ति पैदा नहीं कर सकते.”

ओवैसी ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया है. स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस पर तो लोग खुद अपनी इच्छा से राष्ट्रगान के वक्त खड़े हो जाते हैं.

ध्यान रहे सिनेमाघरों में राष्ट्रगान के दौरान खड़े होने को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी के राष्ट्रगान नहीं गाने से वह देशद्रोही नहीं हो जाता या ये नहीं माना जा सकता है कि वो कम देशभक्त है.

ध्यान रहे 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने थियेटरों में फिल्म शुरु होने से पहले राष्ट्रगान और दर्शकों के लिए खड़ा होना अनिवार्य कर दिया था.

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