Monday, June 14, 2021

 

 

 

ओवैसी की आजम खां से मिलने की तैयारी पर गरमाई यूपी की सियासत

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लखनऊ: आगामी विधान सभा चुनावों को लेकर तैयारियों में जुटे ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हैदरबाद से लोकसभा सांसद असदुदीन ओवैसी की जेल में बंद समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान से मुलाक़ात की तैयारी की खबर पर यूपी की सियासत गरमा गई है।

दरअसल, अपनी पार्टी की उपेक्षा का सामना कर रहे जेल में बंद आजम खान को संदेश भिजवाया कि वह उनसे मुलाकात करना चाहते हैं। जेल में मुलाकात तभी संभव है जब आजम खां इसके लिए अपनी रजामंदी दे। ऐसे में अब ओवैसी को भी आजम खां की हां का इंतजार है।

इस खबर के सामने आने के बाद अब न केवल समाजवादी पार्टी के बल्कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी एक्टिव हो गए। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के नेताओं की आजम खान के परिजनों से मिलने की खबर है तो वहीं अखिलेश यादव ने भी विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन को एक बार फिर से विधान परिषद का टिकट देकर मुस्लिम कम्युनिटी को अपनी तरफ से सकारात्मक संदेश देने की ही कोशिश की है।

इसी बीच सपा नेता अमीक जमेई ने कहा कि ”कांग्रेस के गवर्नर बी एल जोशी जौहर यूनिवर्सिटी की सुरंग सरहद पार देखते थे,डॉ अज़ीज़ कुरेशी साहब को बिल पास करने की वजह से गर्वनर के पद से हटना पड़ा, बी एल जोशी और कोंग्रेस के अन्य गवर्नर ने 15 साल तक बिल पर साइन नही किया, कुछ मसखरे उनके परिवार से मिलके उन्हें कांग्रेस में ले जाने का मैसेज दे रहे है, उन्हें पता हो जब वो पार्टी में भी नही थे तब भी उन्होंने घर नही बदला, आज़म खान साहब देश के सच्चे सेकुलर नेताओ में एक है जिन्होंने सत्ता के सामने घुटने नही टेके, रामपुर ज़िले के कोंग्रेस के अनगिनत नेता शुरू से FIR में मुलव्विस रहे है बचा काम योगी अमित शाह का, जो करना था कर ही रहे है! सपा में ताकत है हम 2022 में जौहर विश्विद्यालय को और विशाल बनाएंगे, और अधिकारियों को यह मालूम हो कि सरकार आती जाती रहती है!”

उल्लेखनीय है कि ओवैसी 13 जनवरी को यूपी में पहुंचे। यहां उन्होंने स्पष्ट किया था कि सपा उनकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी पार्टी है। वह सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के साथ मिलकर यूपी में छोटे दलों को मिलाकर भागीदारी संकल्प मोर्चा बनाने में जुटे हैं, जिनमें पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की जन अधिकार पार्टी, बाबू राम पाल की राष्ट्रीय उदय पार्टी, अनिल सिंह चौहान की जनता क्रांति पार्टी और प्रेमचन्द प्रजापति की राष्ट्रीय उपेक्षित समाज पार्टी शामिल है।

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