ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत को लताड़ लगाते हुए कहा कि मजहब और आस्था की बुनियाद पर कानून नहीं बन सकता.

दरअसल, अलवर कांड के बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने देश भर में गौहत्या पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने वाले कानून की मांग की थी. इस पर ओवैसी ने कहा, बीजेपी दोहरी बात बोलती है. नॉर्थ ईस्ट में बीजेपी कहती है कि वहां पर गौ हत्या के खिलाफ कोई बिल नहीं लाएंगे. यह दोहरी नीति क्यों है.

देश भर में कथित गौरक्षा के नाम पर हो रही मुस्लिमों की हत्या का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा, मोदी सरकार में गौरक्षा के नाम पर 9 से ज्यादा मुसलमानों की हत्या हो चुकी है. ओवैसी ने अलवर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से देश को क्या फायदा हो रहा है.

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ओवैसी ने आगे कहा कि कानून मजहब की बुनियाद पर नहीं बनाया जाता है. आस्था के आधार पर भी कानून नहीं बनाए जाते. अगर मजहब के नाम पर कानून बनाए गए तो हिंदू राष्ट्र हो जाएगा. ये देश के लिए ठीक नहीं है. उन्होंने मोहन भागवत को नसीहतदेते हुए कहा कि भागवत जी को अलवर घटना की एफआईआर पढ़नी चाहिए. उसमें विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल का नाम आया है. ये लोग इनके इशारों पर काम करने वाले लोग हैं.

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