आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत द्वारा बुधवार को मौलाना बदरुद्दीन अजमल की पार्टी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के सबंध में टिप्पणी करने को लेकर आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ी आपत्ति जताई है.

दरअसल एक सेमीनार में आर्मी चीफ ने कहा कि ”एक पार्टी है एआईयूडीएफ, अगर आप देखें तो बीजेपी का इतने वर्षों में जितना विस्तार हुआ, उसके मुकाबले एआईयूडीएफ का तेजी से विस्तार हुआ. जब हम जनसंघ की बात करते हैं और बात करते हैं इसे दो सांसदों से वे कहां पहुंच गए तो हमें यह भी देखना चाहिए कि एआईयूडीएफ असम में तेजी आगे बढ़ रही है. आखिरकार हमें यह देखना होगा कि असम कैसा राज्य होगा.”

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इस बयान पर तीखी नाराजगी जाहिर करते हुए ओवैसी ने कहा कि  सेना प्रमुख को राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, किसी राजनीतिक पार्टी के उदय पर बयान देना उनका काम नहीं है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान इसकी इजाजत नहीं देता है. सेना हमेशा एक निर्वाचित नेतृत्व के तहत काम करती है.

आप को बता दें कि 2005 में बनी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के फिलहाल लोकसभा में तीन सांसद और असम विधानसभा में 13 विधायक हैं.

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