केरल के चर्चित हादिया मामले में आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी भी कूद पड़े है. उन्होंने हादिया का समर्थन करते हुए सवाल उठाया कि क्या देश में व्यक्तिगत स्वतंत्रता सिर्फ कुछ विशिष्ट लोगों के लिए ही है ?

ओेवैसी ने कहा, ‘हर एक व्यक्ति की निजी स्वतंत्रता को हमारे देश के संविधान का हिस्सा है. अगर हादिया यह कहतीं हैं कि वह अभी भी आजाद नहीं हैं, तो यह उन सभी लोगों के लिए सवाल पैदा करेगा जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में विश्वास रखते हैं.’

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ओवैसी ने कहा, ‘क्या शादी, धर्म परिवर्तन, खाना और निजता यह सभी हमारे मूलभूत अधिकारों का हिस्सा नहीं है. क्या यह सभी अधिकार केवल कुछ विशिष्ट लोगों के लिए ही है.’

ध्यान रहे सोमवार को हादिया ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा सहित तीन सदस्यों वाली बेंच के समक्ष पेश होकर हादिया ने आजादी की गुहार लगाते हुए अपने पति शफीन जहाँ के साथ रहने की इच्छा जाहिर की थी.

अब इस मामले में हादिया ने कहा कि मैंने कोर्ट से आजादी के लिए गुहार लगाई है. मैं अपने पति से मिलना चाहती हूं, लेकिन मैं अब तक आजाद नहीं हूं और यही सच्चाई भी है. उन्होंने कहा, ‘मैंने हर भारतीय नागरिक तरह अपने मूल अधिकारों की मांग की है. इसका सियासत और जाति-धर्म से कोई लेना-देना नहीं है. मैं जिन्हें पसंद करती हूं, उनसे बात करना चाहती हूं.’

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