पटना. बिहार विधानसभा चुनाव में 5 सीटें जीतकर कमाल दिखाने वाले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तिहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी वोट कटवा कहने को लेकर विपक्षी पार्टियों पर भड़क उठे।

वोट काटने के आरोपों पर ओवैसी ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिरी क्यों हर कोई मुझसे यही सवाल पूछ रहा है। आखिर क्यों कांग्रेस से कोई यह सवाल क्यों नहीं करता? आखिर उनकी भाजपा की जीत में क्या भूमिका थी? आखिर आप क्यों नहीं जीते? उन्होंने 70 सीटों पर चुनाव लड़े। कोई उनसे सवाल नहीं पूछता। राजद से सवाल नहीं पूछता। किसी अन्य दल से ऐसे सवाल नहीं पूछे जाते। लेकिन AIMIM और सीमांचल से यह सवाल होते हैं।

उन्होने कहा, “चुनाव इसलिए ही कराए जाते हैं कि राजनीतिक दल उन्हें लड़ सकें। अब तक यह सौभाग्य है कि हमारे यहां उत्तर कोरिया या सीरिया जैसा लोकतंत्र नहीं है, जहां सिर्फ दो राजनीतिक दल होतै हैं और उनमें एक 98 फीसदी और दूसरी 2 फीसदी वोट पाने वाला विपक्ष होता है। इसलिए चुनाव लड़े जाएंगे। इस तरह के सवाल उन लोगों का अपमान है, जिन्होंने कोरोना के खतरे के बावजूद हमारे लिए वोट करने के लिए घंटों लाइन में बिताए।”

ओवैसी ने कहा कि कांग्रेस अगर हम पर हमला कर रही है तो हमसे तो उसका मुकाबला जिन सीटों पर था, उनमें दो ही हमने जीतीं। जिन 70 सीटों पर चुनाव लड़ा, उनमें बाकी 49 सीटों पर क्या हुआ। कांग्रेस ने हमारी किशनगंज की सीट जीत ली। क्या वह वोट काटना नहीं होगा?

ओवैसी ने कहा, “2015 में बिहार में चुनावी हार के बाद से हम लगातार वहां काम कर रहे हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में हमारे प्रत्याशी को तीन लाख वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर आया। इसके बाद हम किशनगंज में उपचुनाव जीते। यानी 5 साल में हम संगठन के तौर पर बेहतर स्थित में आए हैं। हमने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मेडिकल कैंप्स लगाए, राज्य में लौटे प्रवासी मजदूरों को जब क्वारैंटाइन में रहना पड़ा, तब हमारे लोग उनसे मिलने पहुंचे। इसी के चलते इस बार चुनाव में हमारी टीम का बेहतरीन प्रदर्शन सामने आया।

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