मसूद अज़हर पर चीन का अड़ंगा, ओवैसी बोले – मोदी की झूला कूटनीति की विफलता

7:13 pm Published by:-Hindi News

नई दिल्ली: जैश सरगना मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किए जाने की मुहिम पर भारत को चीन ने एक बार फिर झटका दे दिया। पहले की तरह चीन ने टेक्निकल होल्ड का हवाला देते हुए इस दफा भी वीटो लगा दिया। इसका अर्थ ये है कि मसूद अजहर ग्लोबल टेररिस्ट घोषित नहीं होगा।

इस मामले में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जैश सरगना मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकी की सूची में न डाल पाना यह नरेंद्र मोदी की ‘झूला कूटनीति’ की विफलता है। यह ‘झूला कूटनीति’ इतनी शानदार है कि चीन इस आतंकवादी को ब्लैकलिस्ट करने में सहयोग करने से इनकार करता है।’

ओवैसी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि चीन ने आतंकी मसूद अज़हर को बलकलिस्ट करने में सहयोग नहीं किया. मोदी सरकार ने बुलेट प्रूफ वेस्ट खरीदने के लिए चीन को 630 करोड़ का ऑर्डर दिया है। उन्होंने आगे कहा, ‘भारत ने चीन को यह ऑर्डर क्यों दिया, क्या हम किसी और देश को नहीं दे सकते थे? चीन ही क्यों? मोदी को देश को जवाब देना चाहिए. यह नरेंद्र मोदी की ‘झूला कूटनीति’ की विफलता है।

सांसद ने कहा, “आपका राष्ट्रवाद क्या है? हमारा स्वाभिमान कहां चला गया है? हमें चीन के साथ यह आदेश क्यों देना है? राष्ट्र मोदी से जवाब जानना चाहता है क्योंकि दिन और दिन वे सुरक्षा, राष्ट्रवाद के साथ खेल रहे हैं।” मोदी सरकार द्वारा मुद्रा योजना से संबंधित आंकड़े जारी नहीं करने पर, सांसद ने कहा कि यह उजागर हुआ है।

उन्होंने कहा, “सरकार झूठ में विश्वास करती है। यह सच या अनुभवजन्य आंकड़ों के लिए नहीं है। यह झूठे आंकड़ों में विश्वास करता है। सरकार ने मुदरा लाभार्थियों के सटीक सर्वेक्षण के आंकड़ों को साझा करने से इनकार करते हुए सरकार से बात की है।

एमआईएम के प्रमुख ने कहा कि यह ज्ञात था कि मुद्रा योजना के तहत 15 करोड़ लाभार्थियों में से 90 प्रतिशत को 50,000 रुपये का ऋण मिला और केवल 19.6 लाख को 5 लाख रुपये मिले।

खानदानी सलीक़ेदार परिवार में शादी करने के इच्छुक हैं तो पहले फ़ोटो देखें फिर अपनी पसंद के लड़के/लड़की को रिश्ता भेजें (उर्दू मॅट्रिमोनी - फ्री ) क्लिक करें