Thursday, October 28, 2021

 

 

 

NRC से हटाए गए लोगों के नाम पर बोले ओवैसी – बंगाली मुस्लिमों को बाहर करने की कोशिश

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असम (Assam) में पिछले साल अगस्त में प्रकाशित राष्ट्रीय नागरिक पंजी (National Civil Register, एनआरसी) की अंतिम सूची से अपात्र लोगों और उनके वंशजों के करीब 10,000 नाम हटाने का आदेश जारी किया गया। इस आदेश को आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसी ने बंगाली मुस्लिमों को बाहर करने की कोशिश करार दिया।

उन्होने ट्वीट किया, ‘बीजेपी असम में NRC की बड़ी हिमायती थी। अपना नाम लिस्ट में डलवाने के लिए भी असम के लोगों को बड़ी मुश्किलों से गुजरना पड़ा, अब बीजेपी को इस बात की निराशा है कि इस लिस्ट में ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम बाहर नहीं किए गए हैं। उनकी ‘लाखों अवैध प्रवासी’ वाली डरावनी कहानी झूठी साबित हो गई। अब ये लोग फाइनल लिस्ट को खारिज करने की कोशिश कर रहे हैं और ताकि ‘पर्याप्त संख्या में’ बंगाली मुस्लिमों को लिस्ट से बाहर किया जा सके।

AIMIM चीफ ने लिखा, ‘ये लोग प्रशासनिक चतुराई दिखाकर यह कहना चाहते हैं कि फाइनल एनआरसी लिस्ट पब्लिश ही नहीं हुई है, ताकि इसे बदला जा सके। लेकिन लिस्ट 31, 2019 को पब्लिश की जा चुकी है।’

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि ‘एनआरसी लिस्ट पब्लिश किए जाने के बाद ही LRCR, DRCR की शक्ति का इस्तेमाल किया जा सकता है। RGI ने अभी तक एनआरसी लिस्ट को नोटिफाई नहीं किया है। एनआरसी की लिस्ट जारी होने के बाद इसमें कोई भी बदलाव करना गैर-कानूनी है। इस गैरजरूरी रूप से खिंच रही प्रक्रिया को बंद करें। लिस्ट को नोटिफाई करें। अपने राजनीतिक मतलब के लिए इसे खींचना बंद करें।

ओवैसी ने नए आदेश को लेकर कहा कि ‘DRCRs को ऐसे लोगों को लिस्ट से बाहर करने को कहा जा रहा है, जो ‘अयोग्य’ हैं. क्या DRCRs बिना सुनवाई के किसी को निकाल सकता है? जबसे एनआरसी जारी हुई है, तब से कोई अपील करने की प्रक्रिया भी नहीं आई है। इसके आगे की कोई प्रक्रिया के बिना ही लोगों को लिस्ट से बाहर कर दिया जाएगा, फिर उनके पास कोई चारा नहीं बचेगा।’

बता दें कि NRC के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, “असम के 33 जिलों में नागरिक पंजीकरण (DRCR) के डिप्टी कमिश्नरों (DC) और जिला रजिस्ट्रार को राज्य के सबसे वरिष्ठ अधिकारी हितेश देव सरमा का एक पत्र भी इन हजारों लोगों को हिरासत में लेने के लिए स्पीकर के आदेश जारी करने के लिए कहता है।”

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