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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM)के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शिवसेना को खरी-खरी सुनाई है। ओवैसी ने शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे के गुरुवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित दशहरा रैली के दौरान राम मंदिर के निर्माण को लेकर दिये बयान पर कड़ी टिप्पणी की है।

ओवैसी ने शिवसेना को चुनौती देते हुए कहा है कि वे लोग प्रधानमंत्री मोदी से डरे हुए हैं और अपनी कायरता छुपाने के लिए उनके ख़िलाफ़ संपदाकीय पन्ने पर लिखते रहते हैं. वो मोदी और फडनवीस सरकार का साथ छोड़कर दिखाएं। ओवैसी ने कहा, ‘मैं शिवसेना से अनुरोध करता हूं कि वो संपादकीय लिखना बंद करें और मोदी-फडनवीस सरकार का साथ छोड़ दें, मैं भी उन्हें साबित कर दूंगा कि मेरे पूर्वज भी भारतीय थे।’

उन्होंने कहा कि शिवसेना पीएम मोदी से डरी हुई है और अपनी इस कायरता को छुपाने के लिए उन्होंने केवल संपादकीय लेख लिखने की एक नया सिंद्धात बना लिया है। ओवैसी ने कहा कि संपादकीय लेख लिखने से कुछ नहीं होगा। शिवसेना को मान लेना चाहिए कि वह पीएम मोदी और फडणवीस सरकार का कुछ नहीं कर सकते।

वहीं शिवसेना प्रवक्ता ने कहा ‘ओवैसी को हैदराबाद तक सीमित रहना चाहिए। राम मंदिर अयोध्या में बनेगा ना कि हैदराबाद, पाकिस्तान या ईरान में। ओवैसी जैसे लोग अपनी राजनीति से मुस्लिमों को गुमराह कर रहे हैं। ऐसी राजनीति से भविष्य में भारी नुकसान होगा।’

शिवसेना ने केंद्र सरकार से राम मंदिर पर कानून बनाने की मांग की है। संजय राउत ने कहा ‘राम मंदिर पर अगर अभी कानून नहीं बना तो कभी नहीं बनेगा। हमारे पास बहुमत है। हमें नहीं पता कि 2019 के बाद क्या स्थिति होती है। कोर्ट राम मंदिर मुद्दे को नहीं सुलझा सकता है। यह आस्था का मामला है। यह राजनीतिक इच्छा का मामला है और मोदी जी ऐसा कर सकते हैं।’

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