Thursday, August 5, 2021

 

 

 

ओवैसी बोले – सिर्फ सावरकर को ही क्‍यों गोडसे को भी दे दो ‘भारत रत्‍न’

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी के सावरकर को भारत रत्‍न के देने चुनावी ऐलान के बाद तंज़ भरे अंदाज नाथूराम गोडसे को भी भारत रत्न देने की बात कही है।

ओवैसी ने भाजपा आलाकमान पर निशाना साधते हुए कहा कि अकेले सावरकर के लिए क्यों, महात्मा गांधी के हत्यारे नाथू राम गोडसे के लिए भी भारत का सर्वश्रेष्ठ सम्मान क्यों नहीं मांगते। एक अंग्रेजी टीवी को दिए साक्षात्कार में AIMIM चीफ ने कहा कि अगर सावरकर को भारत रत्न दिया जाता है तो यह गोडसे को भी दिया जाना चाहिए।

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर आप भारत रत्न देना चाहते हैं तो अल्लामा फजल ए हक खैराबादी को दें, जिन्हें काला पानी की सजा हुई थी, लेकिन उन्होंने सावरकर की तरह दया पत्र नहीं लिखा, बल्कि फांसी पर चढ़ गए। उन लोगों को भारत रत्न दीजिए, जिन्होंने रेशम पत्र आंदोलन चलाया और माल्टा जेल में अपना जीवन बिताया। ओवैसी ने कहा कि हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के सामने नजीर पेश करना चाहते हैं तो ऐसे लोगों को भारत रत्न दें, जो अंग्रेजों से लड़े और कभी माफी नहीं मांगी।

नाथूराम गोड़से

इस दौरान अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर ओवैसी ने कहा कि मुझे नहीं पता है कि कोर्ट का क्या फैसला होगा, लेकिन मैं चाहता हूं कि फैसला ऐसा हो जिससे देश के कानून के हाथ मजबूत हों। जिस तरह से बाबरी मस्जिद को गिराया गया, वह कानून का मजाक उड़ाने जैसा था।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि जिस वक्त बाबरी मस्जिद को गिराया गया उस वक्त सत्ता में कौन था। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि आखिर बाबरी मस्जिद के ताले किसने खुलवाए। दस्तावेजों में यह मौजूद है, जज ने कहा था कि उन्होंने एक बंदर को देखा था और अपा फैसला दे दिया, क्या देश में इसी तरह से फैसले लिए जाते हैं। गौरतलब है कि 1992 में जब बाबरी मस्जिद को गिराया गया तो केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और पीवी नरसिम्हाराव देश के प्रधानमंत्री थे।

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