नई दिल्ली। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी सीबीआई मामले में केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सीबीआई चीफ को हटाना पूरी तरह से गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि सीबीआई निदेशक का एक कार्यकाल होता है। उसके पूरा होने पर ही उन्हें पद से हटाया जा सकता है।

उन्होंने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस स्थापना अधिनियम की धारा चार के तहत, आप निदेशक को नहीं हटा सकते। उसका एक तय कार्यकाल होता है। एक उच्च अधिकार समिति उन्हें नामित करती है। अगर केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) कहता है कि उसने सिफारिश की और (सरकार ने) उन्हें हटा दिया तो हम जानना चाहेंगे कि ऐसा (कानून की) किस धारा के तहत हुआ।’’

ओवैसी ने कहा कि सरकार द्वारा की गयी कार्रवाई पूरी तरह से गैरकानूनी और गलत है। हैदराबाद लोकसभा सीट से सांसद ओवैसी ने कहा कि इस कार्रवाई से देश भर में यह संदेश जाता है कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में साथ नहीं दे रही ‘‘बल्कि एक भ्रष्ट अधिकारी के साथ खड़ी है।’’

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ओवैसी ने ये भी कहा कि राजग सरकार के अधीन सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमतर किया जा रहा है, उनकी विश्वसनीयता नष्ट की जा रही है। इस मामले में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि सरकार ने दोनों अधिकारियों को सीवीसी की सिफारिश के आधार पर हटाया और ऐसा करना एजेंसी की संस्थागत अखंडता और विश्वसनीयता के लिए बेहद जरूरी था।

गौरतलब है कि सीबीआई ने विशेष निदेशक राकेश अस्थाना समेत 4 लोगों के खिलाफ रिश्वत लेने का मुकदमा दर्ज किया है। यह मामला मांस कारोबारी मोइन को क्लीन चिट देने के मामले में हुए है। आरोप हैं इस मामले में अस्थाना समेत 4 लोगों ने 3 करोड़ रुपए रिश्वत ली थी। बता दें कि मीट कारोबारी मोईनपर मनीलांड्रिंग और भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं।

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