Friday, January 28, 2022

Whatsapp जासूसी पर बोले ओवैसी – इजराइल के सिक्योरिटी फर्म पर….

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने Whatsapp जासूसी को लेकर मोदी सरकार को निशाने पर लिया है। ओवैसी ने कहा कि नागरिकों की निजता की रक्षा के लिए सरकार जिम्मेदार है।

ओवैसी ने ट्वीट कर कहा कि कहा कि इजराइल के सिक्योरिटी फर्म्स पर सरकार की कड़ी निगरानी रहती है। ऐसे बोर्ड्स और फर्म्स में सरकार के प्रतिनिधि बैठते हैं। प्रधानमंत्री कार्यकालय और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच प्यार एक तरफा लग रहा है। इजराइली सरकार हमारी मदद करने नहीं जा रही है।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद को टैग करते हुए एक अन्य ट्वीट में ओवैसी ने लिखा कि आपने कहा था कि आप एक संवेदनशील शख्स हैं। आप आर्थिक मंदी और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के बयान को वापस ले चुके हैं। इसलिए पूरी सवेंदनशीलता के साथ मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि क्या हो रहा है। इस पूरे मामले में सरकार की जानकारी और शामिल होने की हद क्या है? एक अन्य ट्वीट में ओवैसी ने कहा, जेंटल रिमाइंडर, गोपनीयता एक मूलभूत अधिकार है. यह आपकी जिम्मेदारी है इसे प्रोटेक्ट करें, गोपनीयता के अधिकार का उल्लंघन न होने पाए।

इस मामले को लेकर WhatsApp प्रशासन ने बड़ा बयान दिया है। इस बयान में कहा गया है कि भारत में जासूसी को लेकर हमनें इसी साल मई में सरकार को बताया था। हमें मई में भारत के कुछ खातों के निजता के साथ छेड़छाड़ की सूचना मिली थी। हमें पता चला था कि कुछ खातों के निजता का हनन हुआ है, इस सूचना के मिलते ही हमनें तुरंत इसे ठीक करने की प्रक्रिया शुरू की थी।

कंपनी ने अपने बयान में कहा कि हमारे लिए किसी खाते की निजता और  सुरक्षा प्राथमिकता है। हमनें मई में इस तरह के मामले को प्राथमिकता के साथ सुलझाया है। साथ ही हमनें भारतीय प्रशासन को भी इस बात की जानकारी दी थी। तब से हमने लक्षित उपयोगकर्ताओं की पहचान करने के लिए काम किया है ताकि अदालतों को अंतर्राष्ट्रीय स्पाइवेयर फर्म को एनएसओ समूह के रूप में जाना जा सके।

वहीं केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का कहना है कि भारत के नागरिकों की निजता में व्हाट्सएप पर उल्लंघन होने को लेकर सरकार चिंतित है। इस बारे में व्हाट्सएप से बात की है और उनसे पूछा है कि वह लाखों भारतीयों की निजता की सुरक्षा को लेकर क्या कर रहे हैं। दरअसल, एक दिन पहले ही ‘इंडियन एक्सप्रेस’ ने रिपोर्ट दी थी कि वाट्सएप के ज़रिए कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की जासूसी की गई है।

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