संयुक्त राष्ट्र की 75वीं वर्षगांठ पर संबोधित करते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि “विश्व के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश के तौर पर आज मैं वैश्विक समुदाय को एक और आश्वासन देना चाहता हूं। भारत की वैक्सीन उत्पादन (Vaccine Production) और वैक्सीन आपूर्ति (Vaccine Delivery) क्षमता पूरी मानवता को इस संकट से बाहर निकालने के लिए काम आएगी।”

पीएम मोदी के इस बयान को लेकर एआईएमआईएम (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने प्रधानमंत्री तंज कसा है। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को टैग करते हुए पूछा है कि क्या आपकी हुकूमत 80,000 करोड़ रुपये का इंतजाम करेगी।

उन्होने अपने ट्वीट में लिखा,  “सर क्या आपकी हुकूमत 80,000 करोड़ रुपये का इंतजाम करेगी। सर थाली, ताली, लाइट बंद, 21 दिन? 93,379 मौतें। पहले घर में चिराग बाद में…” इससे पहले, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने भी ऐसा ही सवाल उठाया है।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “क्या भारत सरकार के पास अगले एक साल में 80,000 करोड़ रुपये होंगे? क्योंकि भारत में सभी के लिए वैक्सीन खरीदने और वितरित करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को इतनी ही रकम की जरूरत है।” पूनावाला ने पीएम कार्यालय (PMO) को टैग किया और लिखा, “यह अगली चुनौती (Challenge) है, जिससे हमें निपटना होगा।”

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ये भी कहा कि पिछले 8-9 महीने से पूरा विश्व कोरोना वैश्विक महामारी से संघर्ष कर रहा है। इस वैश्विक महामारी से निपटने के प्रयासों में संयुक्त राष्ट्र कहां है? एक प्रभावशाली रेस्पॉन्स कहां है? संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रियाओं में बदलाव, व्यवस्थाओं में बदलाव, स्वरूप में बदलाव, आज समय की मांग है।

Loading...
विज्ञापन
अपने 2-3 वर्ष के शिशु के लिए अल्फाबेट, नंबर एंड्राइड गेम इनस्टॉल करें Kids Piano