हैदराबाद: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने समझौता ब्ला’स्ट के फैसले पर नाराजगी जाहीर करते हुए कहा कि पीएम मोदी असल चौकीदार हैं तो समझौता ब्ला’स्ट के फैसले को चुनौती दें।

ओवैसी ने बुधवार रात एक चुनावी रैली में कहा, ‘आप किस तरह के चौकीदार हैं? मरने वालों (समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट) में 25 भारतीय भी थे। बम विस्फोट एक आतंकी कृत्य है। आप कैसे चौकीदार हैं?’ औवैसी ने कहा, ‘अगर मोदी असल में चौकीदार हैं तो उन्हें तत्काल यह घोषणा करनी चाहिए कि सरकार कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करेगी।’

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पीएम मोदी पर हमला करते हुए AIMIM चीफ ने कहा, ‘आप किस तरह के चौकीदार हो? आप असीमानंद से क्यों डर रहे हो? यह प्यार किसलिए? पता चला है कि असीमानंद एक समय आरएसएस से जुड़ा हुआ था।’

पुलवामा, उरी और पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए ओवैसी ने पूछा कि मोदी किस तरह के ‘चौकीदार’ हैं। हैदराबाद के सांसद ने कहा, ‘इस देश को चौकीदार की जरूरत नहीं है। इस देश को एक ईमानदार प्रधानमंत्री की जरूरत है।…देश को ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो संविधान को समझता हो, जिसकी भावना धर्मनिरपेक्षता, न्याय, बंधुत्व और आजादी है।’

इतना ही नहीं, ओवैसी ने जैश सरगना मसूद अजहर के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में प्रतिबंध नहीं लग पाने को भी मोदी सरकार की ‘झूला डिप्लोमेसी’ की हार बताया।

बता दें कि पानीपत के बहुचर्चित समझौता ब्लास्ट मामले में सीमानंद समेत चारों आरोपी को बरी कर दिया गया है. पंचकूला की विशेष एनआईए कोर्ट ने सभी चारों आरोपी को मामले में बरी कर दिया. असीमानंद  के अलावा लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजेंद्र चौधरी मामले में बरी हो गए हैं.कोर्ट ने असीमानंद समेत सभी आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया.

12 साल पहले हुए इस ट्रेन धमाके में 68 यात्रियों की मौत हो गई थी. 18 फरवरी 2007 को हरियाणा के पानीपत में दिल्ली से लाहौर जा रही समझौता एक्सप्रेस में धमाका हुआ था. चांदनी बाग थाने के अंतर्गत सिवाह गांव के दीवाना स्टेशन के नजदीक ब्लास्ट हुआ था. विस्फोट में 67 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक घायल की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हुई थी. 23 लोगों के शवों की शिनाख्त नहीं हुई थी. सभी शवों को पानीपत के गांव महराना के कब्रिस्तान में दफना दिया गया था.

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