लखनऊ में पासपोर्ट सेवा केन्द्र के अधिकारी द्वारा मुस्लिम युवक को हिन्दू धर्म अपनाने के लिए बाध्य करने के मामले मे ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी को निशाने पर लिया है।

समाचार एजेंसी एएनआई से ओवैसी ने कहा, “जब से बीजेपी सत्ता में आई है उन्होंने मुसलमानों और दलितों के खिलाफ नफरत और साम्प्रदायिक जहर फैलाया है। अब चीजें इस हालात तक आ गई है कि सरकारी अधिकारियों को ये हिम्मत हो गई है कि वे दो व्यस्कों की शादी पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।”

ओवैसी ने कहा कि आज के समय देश के हालात खराब है। उन्होंने कहा कि आज ऐसा समय आ गया है कि सरकारी अधिकारी के पास विवाह पर सवाल उठाने का अधिकार है। यही भाजपा चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले 4 सालों में मुसलमानो और दलितों के खिलाफ ही कार्य किया और समाज में नफरत फैलाई है।

बता दें कि पीड़ित मोहम्मद अनस और उनकी पत्नी तनवी सेठ राजधानी के पासपोर्ट सेवा केंद्र पर पासपोर्ट रिन्यू कराने पहुंचे थे। इस दौरान पासपोर्ट ऑफिसर विकास मिश्रा ने अनस को धर्मपरिवर्तन कर हिन्दू धर्म अपनाने को कहा। इतना ही नहीं तनवी से सभी दस्तावेजों में अपना नाम बदलने का निर्देश दिया। जब दोनों ने मना कर दिया तो विकास उनपर बुरी तरह चिल्लाने लगा।

अनस और तनवी ने साल 2007 में शादी की थी। उनकी छह साल की एक बेटी भी है और दोनों नोएडा में एक निजी कंपनी में काम करते हैं।

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