उत्तर प्रदेश के मथुरा की जिला अदालत में शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने को लेकर दायर की गई याचिका के स्वीकार किए जाने को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और कांग्रेस को निशाने पर लिया है।

ओवैसी ने ट्वीट किया, “जिसका डर था वह सच हो गया है। बाबरी मस्जिद से संबंधित फैसले ने ‘संघ परिवार’ के संकल्प को मजबूत किया है। याद रखें, अगर हम अभी भी नहीं जागे तो संघ इस पर एक और हिंसक अभियान शुरू कर सकता है और कांग्रेस भी अभियान में शामिल हो सकती है”।

इससे पहले, ओवैसी ने कहा था कि श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ और शाही ईदगाह ट्रस्ट के बीच विवाद को 1968 में सुलझा लिया गया था और विवाद के पुनरुद्धार पर सवाल उठाया गया था।

ओवैसी ने पहले कहा था कि “पूजा का स्थान अधिनियम 1991 पूजा के स्थान को परिवर्तित करने से मना करता है। गृह मंत्रालय को इस अधिनियम का प्रशासन सौंपा गया है, अदालत में इसकी प्रतिक्रिया क्या होगी? शाही ईदगाह ट्रस्ट और श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ ने अक्टूबर 1968 में इस विवाद को हल किया। अब इसे पुनर्जीवित क्यों करें?”

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