आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस्लाम के चौथे खलीफा हजरत अली पर की गई टिप्पणी को लेकर करारा पलटवार किया है। उन्होने कहा कि अली हमारे हैं और हमारे ही रहेंगे।

उन्होने इस बयान को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार देते हुए कहा कि आदित्यनाथ को इस तरह का बयान देने का अधिकार किसने दिया? ओवैसी ने रविवार को एक चुनावी सभा में कहा, ‘‘ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में की एक रैली में सभी सीमाएं लांघ दीं। उन्होंने कहा, ‘आप अली को रख लो… हमारे लिए बजरंग बली काफी हैं।’ यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि किसी ने भी उनके बयान की निंदा नहीं की।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘ निश्चित तौर पर, आप बजरंग बली के अनुयायी हो सकते हैं। इस पर किसी को ऐतराज नहीं है। अली पूरी कायनात के संरक्षक हैं। अली हमारे हैं और हमारे रहेंगे। क्या इस देश में अली का अनुयायी होने और उनका नाम लेने की इजाजत नहीं है?’’

yogiiबता दें कि आदित्यनाथ ने भोपाल में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, ‘‘ मैं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ का बयान पढ़ रहा था। उन्होंने कहा कि उन्हें एससी, एसटी वोटों की जरूरत नहीं है। उन्हें सिर्फ मुस्लिमों के वोट की जरूरत है। आप अपने अली को रखो, हमारे लिए बजरंग बली काफी हैं।’’

हज़रत अली (रज़ी अल्लाह) चौथे खलीफा हैं। वह इस्लाम के पैंगबर हज़रत मोहम्मद के चचरे भाई और दामाद हैं। ओवैसी ने कहा कि आदित्यनाथ की टिप्पणी मुसलमानों का ‘अपमान’ है।

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