आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सीएए और एनआरसी का मुद्दा उठाया है। उन्होने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर झूठ बोलने और विपक्षी पार्टी आरजेडी पर चुप रहने का आरोप लगाया।

शेखपुरा में उन्होंने अपने गठबंधन के प्रत्याशी के समर्थन में की जनसभा में ओवैसी ने कहा, केंद्र की सरकार और राज्य सरकार इस मुद्दे पर खामोश हैं। एनसीआर का प्रभाव केवल मुसलमानों पर नहीं बल्कि हिंदुओं पर भी पड़ रहा है। दलित भी इससे प्रभावित हो रहे हैं।

ओवैसी ने कहा सीएए और एनआरसी सिर्फ मुसलमानों व दलितों के लिए समस्या नहीं है बल्कि इससे देश की 50 प्रतिशत आबादी प्रभावित होगी। इसके साथ ही उन्होंने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 20 लाख लोगों ने एनआरसी सूची से खुद को बाहर पाया, जिसमें मुसलमान मात्र पांच लाख हैं जबकि 15 लाख हिंदू हैं।

ओवैसी ने कहा कि सरकार को इन मुद्दों के बजाय शिक्षा, रोजगार तथा स्वास्थ्य को तरजीह देनी चाहिए। ओवैसी ने कहा कि बिहार में भ्रष्टाचार का बोलबाला है और ये तभी खत्म होगा जब सरकार बदलेगी। उन्होंने कहा की पूरे भारत में बिहार ही एक ऐसा राज्य है जहां 48 हजार कोरोना मरीजों पर एक डॉक्टर है। अस्पताल है तो डॉक्टर नहीं है. नौकरियों में कई पद खाली हैं।

वहीं रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, दोनों पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि इन दोनों नेताओं ने कुल 30 वर्षों के अपने शासन में बिहार को पीछे धकेलने का काम किया।

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