नई दिल्ली: कश्मीर मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार पर दखल देने को लेकर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को सवाल उठाया कि जब कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मसला सुलझाया जाना है तो फिर अमेरिकी राष्ट्रपति से इस बारे में बाचतीत करने की क्या जरुरत है।

ओवैसी की यह टिप्पणी भारत की तरफ से जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देनेवाले अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद सोमवार को पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच टेलीफोन पर बात के बाद की गई है।

उन्होंने कहा, “पीएम मोदी के फोन पर ट्रम्प से बात करने और एक द्विपक्षीय मुद्दे पर चर्चा करने पर मुझे आश्चर्यच हुआ है। पीएम मोदी के इस कदम से पुष्टि होती है, जो ट्रम्प ने पहले कश्मीर पर दावा किया था। यह एक द्विपक्षीय मुद्दा है और किसी तीसरे पक्ष को हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं है।”

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ओवैसी ने पूछा कि क्या ट्रम्प पूरी दुनिया के “पुलिसकर्मी” हैं या  ‘चौधरी’  हैं। उन्होंने कहा, “हम शुरू से ही यह कहते रहे हैं कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है। भारत का इस पर बहुत ही स्थिर रुख है। फिर प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बातचीत करने और इसकी शिकायत करने की क्या आवश्यकता थी।”

ओवैसी ने कहा, “हमारे पीएम ने फोन पर कश्मीर को लेकर डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की। ट्रंप हमारे लिए क्या है? क्या वह पूरी दुनिया के पुलिसकर्मी हैं या वह कोई चौधरी हैं?”

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