बिहार विधान सभा चुनाव और उप चुनावों में मिली करारी हार से कांग्रेस अभी उभरी भी नहीं थी कि राजस्थान में कांग्रेस के लिए परेशान करने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी आॅल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की जल्द ही राजस्थान में एंट्री होने वाली है।

जानकारी के अनुसार बिहार के चुनाव परिणाम से उत्साहित ओवैसी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राजस्थान में अपनी सक्रियता बढ़ाएंगे। हालांकि महापौर चुनाव के साथ कई मुद्दों पर अपनी अनदेखी से नाराज प्रदेश के कई मुस्लिम संगठन एआईएमआईएम से संपर्क साध चुके है।

इसके अलावा जयपुर, चूरू, सवाईमाधोपुर, अजमेर व झुंझुंनूं में औवेसी समर्थकों की टीम मुस्लिम मौहल्लों में जाकर समाज के प्रमुख लोगों से संपर्क कर रही है। जल्दी ही राजस्थान में एमआईएम का संगठन खड़ा करने की तैयारियां भी चल रही है। मुस्लिम संगठनों से जुड़े नेताओं की माने तो बंगाल चुनाव के बाद ओवैसी जयपुर में एक बड़ी रैली के जरिए राजस्थान में अपना चुनावी अभियान शुरू करेंगे।

करीब प्रदेश की मुस्लिम 40 सीटों पर एआईएमआईएम अपनी तीन उतारने की तैयारी कर चुकी है। इनमे जयपुर, टोंक, सवाई माधोपुर, धौलपुर, अलवर, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, अजमेर चूरू, बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर बाड़मेर करौली जैसे प्रमुख जिले हैं जहां पर मुस्लिम आबादी 40 से 50 हजार से ज्यादा है। वहीं जयपुर शहर की आदर्श नगर, किशनपोल और हवामहल विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर मुस्लिम आबादी 90 से 1 लाख के बीच हैं।

बता दें कि मुस्लिम समाज के प्रभाव वाली तीन दर्जन विधानसभा सीटों में से दो दर्जन पर फिलहाल कांग्रेस के विधायक हैं। इनमें 10 मुस्लिम विधायक शामिल है। सरकार में एक मुस्लिम केबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद है। मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगने से रोकने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजनीतिक नियुक्तियों में अल्पसंख्यक नेताओं को अधिक महत्व देने पर विचार कर रहे हैं। आगामी दिनों में गठित होने वाली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी में भी मुस्लिम नेताओं को पहले से अधिक पद दिए जाएंगे।

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