EVM के खिलाफ विपक्ष फिर से एकजुट, कांग्रेस ने की सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी

5:49 pm Published by:-Hindi News

नई दिल्ली: पहले चरण की वोटिंग के बाद विपक्षी दलों ने ईवीएम का मुद्दा एकबार फिर से गर्मा दिया है। कई बड़े विपक्षी दलों की दिल्ली में आज हुई बैठक में ईवीएम पर सवाल उठाए गए। दलों ने ईवीएम के मुद्दे पर एकबार फिर से सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है।

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने ईवीएम पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग इस पर ठीक से ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने कहा, “पहले चरण के बाद ही इस पर सवाल उठे लेकिन आयोग ने पूरा ध्यान नहीं दिया। अगर आप एक्स पार्टी का बटन दबाते हैं तो वो वाई पार्टी को जा रहा है। वीवीपैट पर डिस्प्ले भी 7 सेकेंड की जगह 3 सेकेंड के लिए दिखाई दिया।”

अभिषेक मनु ने आगे कहा कि लाखों मतदाताओं के नाम बिना भौतिक सत्यापन के ऑनलाइन काट दिए गए। पार्टियों ने चुनाव आयोग को एक लंबी सूची दी है। वीवीपैट के कम से कम 50 फीसदी पेपर ट्रेल को गिनना अब और भी आवश्यक हो गया है।

मनु ने आगे कहा कि हम उच्चतम न्यायालय जाएंगे और ईवीएम में गड़बड़ी के मुद्दे पर देशव्यापी अभियान चलाएंगे। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि 21 राजनीतिक दल 50 प्रतिशत मतदान पर्चियों का मिलान ईवीएम से कराए जाने की मांग कर रहे हैं।

नायडू शनिवार को भी ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत लेकर चुनाव आयोग पहुंचे थे। उनका आरोप था कि आंध्र प्रदेश में गुरुवार को पहले चरण की वोटिंग के दौरान 4 हजार से ज्यादा ईवीएम में खराबी आई थी। रविवार को उन्होंने कहा, ‘हम ईवीएम के मुद्दे पर फिर से सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। बहुत कम देश हैं जो ईवीएम का इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर हमें वोटर्स का विश्वास जीतना है तो बैलट पेपर का इस्तेमाल करना होगा।’

बीजेपी ने महागठबंधन की बैठक पर तंज कसते हुए कहा कि तथाकथित गठबंधन को हार का डर सता रहा है। बीजेपी नेता जीवीएल नरसिम्हा ने कहा कि दिल्ली में जो तथाकथित विपक्षी दलों की बैठक हुई है वह महागठबंधन की हार स्वीकार करने वाली बैठक है उन्होंने कहा कि यह साफ है कि महागठबंधन के पास न तो कई गर्वनेंस का अजेंडा है और न लोगों को बताने के लिए कोई लीडरशिप है।

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