केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लोकसभा में पारित सिटिज़नशिप बिल पर असम में राजनीतिक घमासान जारी है। असम कांग्रेस के नेता देबब्रत सैकिया ने शनिवार को असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल होने पर सीएम पद का ऑफर दिया है।

Loading...

असम विधानसभा में नेता विपक्ष सैकिया ने यहां एक स्थानीय टीवी चैनल से कहा, “विरोध प्रदर्शनों को बढावा दे रहे नागरिकता संधोधन विधेयक के चलते राज्य में पैदा हुए मौजूदा हालात के मद्देनजर सर्बानंद सोनोवाल को भाजपा छोड़ देनी चाहिये और कम से कम अपने 40 विधायकों के साथ ही बाहर आ जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा, ‘‘हम सोनोवाल को ही फिर से असम का मुख्यमंत्री बनवा देंगे। 126 सदस्यीय सदन (विधानसभा) में हमारे पास 25 विधायक हैं। हम नयी सरकार बनाने के लिए अगप और अन्य दलों का समर्थन ले सकते हैं” बता दें कि विधानसभा में भाजपा के 61, कांग्रेस के 25, अगप के 14, एआईयूडीएफ के 13, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के 12 विधायक हैं।

वहीं असम गण परिषद (अगप) ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक रद्द किये जाने पर वह बीजेपी के साथ गठबंधन बहाल कर सकती है। ध्यान रहे इस बिल के विरोध में असम गण परिषद (अगप) के तीन नेता इस्तीफा दे चुके है।

कृषि मंत्री अतुल बोरा, जल संसाधन मंत्री केशव महंत और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री फनीभूषण चौधरी ने राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को अपना इस्तीफा सौंपा है। इसके बावजूद भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुआई वाली सोनोवाल सरकार की स्थिरता पर फिलहाल कोई संकट नहीं है।

शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें