भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव मौलाना उमर ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ अपना विरोध जताया है। उन्होने कहा कि CAA नागरिकता देने वाला नहीं बल्कि ये नागरिकता छीनने वाला कानून है।

उन्होने नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की मंशा नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू करने के बाद देश भर में एनआरसी लागू करने की है। उन्होने कहा कि एनपीआर, नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटीजंस (NRC) के लिए पहला कदम है। कासमी ने कहा, पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह अपने कई बयानों में एनआरसी को लागू करने की बात कह चुके है। और अब वह देश को गुमराह कर रहे है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि अनुच्छेद 14, 21 और 25 के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। यह कानून मुख्य रूप से गरीबों, पिछड़ों, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजातियों और भाषाई और धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाता है। उन्होने दावा किया कि असम में एनआरसी से जुड़े मंसूबे फेल होने पर मोदी-शाह सरकार अब एनपीआर की प्रक्रिया को करने में लगी है। ऐसे में एनपीआर को पूरे देश में एनआरसी लागू करने के लिए किया जा रहा है।

उन्होने कहा कि आज CAA-NRC और NPR को लेकर सड़क से लेकर संसद तक संग्राम है। देश का हर वर्ग, तबका और समुदाय इस कानून के खिलाफ है। लेकिन अमित शाह का ये कहना कि वह नागरिकता कानून पर एक ईंच भी पीछे नहीं हटेंगे। उनके अहंकार और हठधर्मी का सबूत है। उन्होने कहा कि केंद्र सरकार से तत्काल इस कानून को रद्द करने की मांग की।

कासमी ने कहा कि सरकार को महंगाई, रोजगार, अर्थव्यवस्था, जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। नोटबंदी और जीएसटी से पहले ही केंद्र सरकार आम आदमी से मुंह का निवाला छिन चुकी है। लोगों के पास पहले ही रोजगार नहीं है। महंगाई सातवा आसमान छू रही है। ऐसे में अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए अब CAA-NRC को अपना हथियार बनाया है।

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