Sunday, January 23, 2022

बंगाल में बीजेपी का दांव पड़ा उल्टा, बोस के पड़पोते बोले – एनआरसी से नहीं मिल पाएगा वोट

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा उपचुनाव में तीनों सीटों पर बीजेपी को मिली करारी शिकस्त के बाद पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्र कुमार बोस ने शुक्रवार को कहा कि भगवा पार्टी को अब राज्य विशेष के लिये योजना बनानी चाहिए क्योंकि ‘विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की धरती पर अखिल भारतीय रणनीति काम नहीं करेगी।’

नेताजी के प्रपौत्र बोस ने इस हार के बाद आत्मविश्लेषण की अपील करते हुए कहा कि पार्टी को उपचुनाव के दौरान एनआरसी को अपना मुख्य चुनावी मुद्दा नहीं बनाना चाहिए था। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘भाजपा के लिए यह जरूरी है कि वह राज्य में संगठन को दुरुस्त करे और बंगाल पर केंद्रित रणनीति तैयार करे। हमें अपनी संगठनात्मक कमी को सुधारना होगा। अखिल-भारतीय रणनीति स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की धरती पर कारगर नहीं होगी।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि राजनीतिक दलों को राज्य में मूलभूत बुनियादी ढांचे का विकास करने के लिए काम करना चाहिए न कि वोट बैंक के लिए लोगों का ध्रुवीकरण करना चाहिए। गौरतलब है कि गुरुवार को घोषित उपचुनाव के नतीजों में तृणमूल कांग्रेस ने तीनों विधानसभा सीटें खड़गपुर सदर, करीमपुर तथा कालियागंज जीतकर भाजपा को दूसरे स्थान पर छोड़ दिया।

इस जीत से गदगद तृणमूल प्रमुख व बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ऐतिहासिक जनादेश करार दिया है और कहा है कि जनता ने भाजपा के अहंकार का जवाब दिया है। बनर्जी ने कहा कि ‘धर्मनिरपेक्षता और एकता’ के पक्ष में और ‘एनआरसी’ के खिलाफ जनादेश है क्योंकि भाजपा ने अपने अहंकार और राज्य के लोगों को अपमानित करने का काम किया जिसका वह परिणाम भुगत रही है।

ममता ने यह भी कहा कि वह 2021 (बंगाल विधानसभा) की बात कर रहे थे जबकि 2019 में ही मामला समाप्त है क्योंकि भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। भाजपा को नहीं सोचना चाहिए कि देश के लोग बहुमत (भाजपा के पास) नहीं होने के बावजूद राज्यों में सरकार गठन के उसके धौंस जमाने वाले तौर तरीकों को स्वीकार कर लेंगे।

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