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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शिवसेना, अकाली दल, आम आदमी पार्टी (आप) और नेशनल कान्फ्रेंस के नेताओं के साथ बुधवार को नोटबंदी के खिलाफ राष्ट्रपति भवन तक मार्च किया.

इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से आम जनता बेहद परेशान हो रही है. कोई भी फैसला लेने से पहले उसके असर का आंकलन करना चाहिए लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया. उन्होंने आगे कहा, ”हमारे राष्ट्रपति वित्त मंत्री रह चुके हैं और देश की स्थिति को किसी और से बेहतर समझते हैं, व उचित कदम उठाएंगे.”

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वहीँ शिव सेना के सांसद आनंदराव अडसुल ने कहा कि वह नोटबंदी के फैसले के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि उसके तरीके के खिलाफ हैं. अडसुल ने कहा, “हम इस फैसले के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि जिस प्रकार उसे लागू किया गया, उस तरीके के खिलाफ हैं. इस मुद्दे पर हम तृणमूल का समर्थन करते हैं. इस फैसले को पूरी तैयारी के साथ लागू किया जाना चाहिए था.”

विपक्ष के इस मार्च  में करीब 40 सांसद शामिल हुए. सभी ने नोटबंदी के फैसले को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा.

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