Friday, September 17, 2021

 

 

 

बाबरी मस्जिद पर इंसाफ की कोई बात नहीं करता: SDPI

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सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) ने दिल्ली में ‘एक शाम बाबरी मस्जिद के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया। इस मौके पर एसडीपीआई के नेशनल कंवेनर तस्लीम रहमानी ने रहमानी ने कहा कि बाबरी मस्जिद पर इंसाफ की कोई बात नहीं करता है।

उन्होने कहा, “1992 में बाबरी मस्जिद को शहीद किया गया, और सबने एक होकर कहा कि जुल्म हुआ। 6 दिसम्बर 1992 को देश के आधे से ज्यादा मुसलमानों के घरों में चूल्हा नहीं जला था। उन्होंने कहा कि जिस मस्जिद को गिराते हुए सारी दुनिया ने देखा, उसके इंसाफ की कोई बात नहीं करता। लेकिन राम जी के बारे में सही से किसी को पता भी नहीं कि क्या वाकई वो उसी स्थान पर पैदा हुए, जहां मंदिर बनाने की बात की जाती है।

वहीं कांग्रेस के सीनियर लीडर मणिशंकर अय्यर ने कहा कि भाजपा और संघ इसपर सियासत कर रही है। वे कहते हैं कि राम कसम की खाते हैं मंदिर यहीं बनाएंगे, यह वह कैसे कह सकते हैं। क्योंकि राजा दशरथ का बहुत बड़ा महल था और उसमें 10 हजार कमरे थे। अब यह कौन तय करेगा कि भगवान राम किस कमरे में पैदा हुए। इसलिए हम कहते हैं कि भाजपा और संघ राम मंदिर को लेकर सिर्फ सियासत कर रही है।

अय्यर ने महात्मा ग़ांधी की शहादत और बाबरी मस्जिद के गिरने को एक जैसा बताते हुए कहा कि क्या मुसलमान इस देश में सुरक्षित रह सकते हैं? अय्यर ने कहा कि 6 दिसंबर 1992 जिस दिन बाबरी मस्जिद को तोड़ा गया, वह इस देश का पतन था। उस दिन को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘मैं कांग्रेस से हूं और हमने गलती की। तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने सही समय पर सही कदम नहीं उठाए जिसकी वजह से यह गलती हुई।’

कांग्रेस नेता ने इससे पहले कहा था कि राव के हिंदुत्ववादी मानसिकता ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि मस्जिद तोड़कर भारत को विभाजित करने की दूसरी कोशिश की गई। बाबरी मस्जिद के टूटने से हिंदू-मुस्लिम एकता टूट गई।

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