आप-कांग्रेस में नहीं होगा गठजोड़, कुमार विश्वास ने साधा निशाना

आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर विराम लगाते हुए आप ने दिल्ली, पंजाब व हरियाणा में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की। पार्टी ने शुक्रवार को कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होने के लिए कांग्रेस नेताओं के अहंकारी रुख को जिम्मेदार ठहराया। ‘आप’ ने कहा कि कांग्रेस देश के बारे में नहीं सोचती है।

‘आप’ नेता गोपाल राय ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि पार्टी एक समय कांग्रेस से समझौते को तैयार थी क्योंकि देश को बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विरोधी दलों के एकजुट होने की जरूरत है। राय ने कहा, “हम जहर पीने (कांग्रेस से समझौता करने) को तैयार थे। लेकिन, अब हमने फैसला किया है कि ‘आप’ दिल्ली, पंजाब और हरियाणा की सभी सीटों पर अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगी और कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी।”

आम आदमी पार्टी नेता गोपाल राय ने स्वीकार किया कि अन्य दलों की तरह ‘आप’ भी इस बात पर विचार करने लगी थी कि पार्टी के भीतर विरोध के बावजूद वह देश के वास्ते कांग्रेस के साथ समझौता करेगी। उन्होंने कहा, “एक समान विचारों से प्रेरित कई दल कांग्रेस के पक्ष में नहीं होने बावजूद एकजुट हो रहे हैं। हम भी नरेंद्र मोदी और अमित शाह की तानाशाही से देश को बचाने के लिए हाथ मिलाने को तैयार थे।”

उन्होंने कहा, “लेकिन, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बयान दिया कि ‘आप’ का पंजाब में कोई महत्व नहीं है और उसी प्रकार दिल्ली कांग्रेस प्रमुख शीला दीक्षित ने कहा कि ‘आप’ कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी के सामने एक छोटी पार्टी है और उनसे समझौते की कोई जरूरत नहीं होगी, उससे यह स्पष्ट हो गया कि उनके लिए उनका अहंकार देश से ज्यादा महत्व रखता है।”

इस पर कुमार विश्वास ने तंज कसा है। कुमार ने ट्विट्टर पर लिखा कि तुम हो उल्लू ये जताने की ज़रूरत क्या थी ? आइना ख़ुद को दिखाने की ज़रूरत क्या थी ? चोर जो चुप ही लगा जाता तो वो कम पिटता, बाप का नाम बताने की ज़रूरत क्या थी ?

बता दें कि हाल ही दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाई गई शीला दीक्षित ने आप के साथ गठबंधन को सिरे से खारिज कर दिया था। उन्होंने इसके लिए दो मुख्य वजहें बतायी थी, पहला अरविंद केजरीवाल विश्वास करने लायक नहीं हैं और आप विधायकों द्वारा हाल ही में पूर्व पीएम  राजीव गांधी का भारत रत्न सम्मान वापस लेने का प्रस्ताव पारित करना दूसरी वजह बताई थी।

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