बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य छात्रों की गिरफ़्तारी कर विश्वविद्यालय में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है. उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जेएनयू को पाकिस्तानी चरमपंथी गुट लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफ़िज सईद का समर्थन है.

नीतीश कुमार

नीतीश कुमार ने कहा कि ऐसा माहौल बनाया जा रहा कि जो भी संघ भाजपा की विचारधारा से जुड़ा है, वो देशभक्त है और बाकी देशद्रोही. कन्हैया कुमार को जेएनूय में संसद हमले के दोषी अफ़जल गुरु की बरसी पर हुए एक कार्यक्रम के सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया है.

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भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि इस कार्यक्रम में भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक नारे लगे. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का कहना है कि देश के किसी भी हिस्से में देश विरोधी गतिविधि को न सहन किया जाना चाहिए और न सहन किया जाएगा.

उन्होंने कहा, “अफ़ज़ल गुरु को सुप्रीम कोर्ट ने सज़ा दी, इसके बाद भी भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक नारे लगे.”

लेकिन नीतीश कुमार ने कहा कि जेएनयू में अगर कोई कार्यक्रम हो रहा है, इसका मतलब ये नहीं कि वहां के छात्र और प्रोफ़ेसर उसका समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि आरएसएस से जुड़े छात्र संगठन एबीवीपी के इशारे पर सबकुछ किया जा रहा है.

नीतीश ने सवाल किया किया, मोदी सरकार अफ़ज़ल गुरु की बात कर रही है जबकि जम्मू कश्मीर विधानसभा में कुछ निर्दलीय विधायक अफ़ज़ल गुरु के पक्ष में प्रस्ताव लाते रहे हैं. भाजपा नेता राम माधव सरकार बनाने के लिए उन विधायकों से क्यों मिले.

उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ देशद्रोह का मुकदमा करते हैं और दूसरी तरफ़ कश्मीर में सरकार चलाते हैं. (BBC HINDI)

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