Sunday, October 17, 2021

 

 

 

बिहार में राष्ट्रपति शासन लगवा दें, मिल जाएगी मुक्ति: नीतीश

- Advertisement -
- Advertisement -

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष के नेताओं की हत्या को लेकर विपक्षी दलों के प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर प्रहार किए जाने पर कहा कि बिहार में कानून का राज है। एनडीए की प्रदेश में राष्ट्रपति शासनकाल लगाए जाने की मांग को नीतीश ने हंसकर टाल दिया। जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के बाद नीतीश ने एनडीए के राज्यपाल राम नाथ कोविंद से मुलाकात कर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की अनुशंसा किए जाने का आग्रह किए जाने पर कहा कि जाएं और बिहार में राष्ट्रपति शासन लगवा दें, इससे उन्हें मुक्ति मिलेगी।

नीतीश ने विपक्ष के जंगलराज का आरोप लगाए जाने और उनकी टिप्पणियों को मीडिया द्वारा प्रमुखता से दिखाए जाने के बारे में कहा कि जंगलराज का इस्तेमाल टीआरपी बढाने के लिए किया जाता है। पत्रकारों द्वारा एक नाबालिग लड़की के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में आरोपी विधायक राजबल्लभ यादव के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी कानूनी कार्रवाई हो रही है। वह कानून के कठघरे में खडे होंगे। स्पीडी ट्रायल होगा। कोई कानून के साथ खिलवाड़ न करें। कानून तो तोड़नेवाले कितने भी महत्वपूर्ण व्यक्ति क्यों न हो, उनके साथ विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 और 12 फरवरी 2016 को विधि व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा में उन्होंने निर्देश दिया था कि पुलिस महानिदेशक के नियंत्रण में एक हेल्पलाइन नम्बर कार्यरत रहेगा। राज्य में कहीं से भी लोग यहां शिकायत कर सकते है। सोशल मीडिया और अन्य तरीके से प्राप्त सूचना पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अपराध अनुसंधान में सीसीटीवी बहुत मददगार साबित हो रहा है। सीसीटीवी पूरे बिहार में स्थापित किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलास्तर पर पुलिस अधीक्षकों के द्वारा थानों में पुलिस पदाधिकारियों के स्थानान्तरण की व्यवस्था के अवलोकन की आवश्यकता है। इस संबंध में निर्देश दिया है कि इसके लिए वस्तुपरक मार्गदर्शिका तैयार कर उस लागू की जाए, इसमें अगर नियम अथवा पुलिस मैनुअल में संशोधन की आवश्यकता है तो इसके लिए प्रस्ताव तुरन्त लाया जाए।

नीतीश ने कहा कि पुलिस भवन निर्माण निगम के द्वारा कार्यान्वित वृहत परियोजनाओं में एक पुलिस पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी के रुप में नामित किया जाए जिनको संबंधित परियोजना का तेजी से क्रियान्वित कराने के लिए दायित्व दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बीएमपी बटालियन का भूमि के अभाव में मुख्यालय का निर्माण नहीं हो सका है। अत: इस संबंध में निर्देश दिया गया है कि जिन स्थानों पर पूर्व से पुलिस के पास भूमि उपलब्ध है वहां पर भी संबंधित बीएमपी के मुख्यालय के लिए स्थान निर्धारित कर निर्माण की कार्रवाई की जाए, जिन थानों के पास भूमि के अभाव में अपना भवन नहीं है। (ibnlive)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles