जेडीयू के प्रमुख नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से आज NDA विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। इसके साथ ही अब वह कल सातवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। वहीं सुशील कुमार मोदी को बिहार विधान मंडल दल के उप नेता के तौर पर चुना गया है।

NDA विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहता था। लेकिन बीजेपी के नेताओं के आग्रह और निर्देश के बाद मैंने मुख्यमंत्री बनना स्वीकार किया। मैं तो चाहता था कि मुख्यमंत्री बीजेपी का बने। डिप्टी सीएम के सवाल पर नीतीश ने कहा कि अभी इस पर फैसला नहीं लिया गया है।

राज्यपाल से नई सरकार बनाने का न्योता मिलने के बाद नीतीश ने कहा कि शपथग्रहण समारोह सोमवार को 4.30 बजे होगा। राज्यपाल फागू चौहान ने नीतीश को नई सरकार बनाने का न्योता दिया। जिसके बाद नीतीश कुमार,  जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi), मुकेश सहनी (Mukesh Sahani) और संजय जायसवाल के साथ राजभवन पहुंचे और राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया।

नीतीश कुमार ने राज्यपाल फागु चौहान को 126 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा। बता दें कि 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में एनडीए ने 125 सीटें जीती थीं। जबकि विपक्षी महागठबंधन को 100 सीटें मिली थीं। हालांकि, बीजेपी बिहार में एनडीए में बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, भाजपा को 74 और जेडीयू को 43 सीटें मिलीं।

नीतीश को एनडीए दल के नेता चुने जाने से ऐन पहले Congress के तारिक अनवर ने कहा था कि पहले नीतीश कुमार बिहार में अच्छे नेता के तौर पर NDA में उभरे थे। पर इस बार पहले जैसी स्थितियां नहीं हैं। BJP ने उन्हें कमजोर करने की साजिश रची है। अब अगर वह एनडीए के नेता या सीएम चुन भी लिए गए, तो उन्हें नियंत्रित करने का रिमोट किसी और के पास होगा।

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