पुलवामा में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के बालकोट में भारतीय वायु सेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक का आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिकरण किया जा रहा। ऐसे में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का बड़ा बयान आया है।

गडकरी ने कहा, “पाकिस्तान के खिलाफ हवाई कार्रवाई को चुनाव से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इसे चुनावी मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए और न ही किसी को इसका श्रेय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर विपक्षी दलों को इस पर कोई संदेह है तो ये उनकी दिक्कत है।  मंत्री ने कहा, “लेकिन मैं उनसे अनुरोध करूंगा कि उन्हें इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।”

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यह पूछने पर कि क्यों प्रचार अभियान में सत्तारूढ़ दल इस मुद्दे को उठा रहा है, जिस पर उन्होंने कहा, “सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। भारत में अगर किसी को भी हमारे जवानों की शहादत पर संदेह है, अगर कोई पाकिस्तान की भाषा में बोलता है तो ये सभी देश के हितों के खिलाफ जाता है। ये राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे हैं और सभी को एक सुर में बोलना चाहिए। इस तरह के मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।”

ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि चुनाव के बाद सरकार बनाने के लिए अन्य राजनीतिक दलों के समर्थन की जरूरत पड़ने पर उन्हें अगले प्रधानमंत्री के रूप में पेश किया जा सकता है। इस पर उन्होंने कहा कि वह खंडित जनादेश मिलने पर भी प्रधानमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं।”

उन्होंने कहा, “न तो मेरी ऐसी कोई मंशा है और न ही आरएसएस की ऐसी कोई योजना है। ऐसा कुछ भी नहीं है। मेरे बयान को मीडिया द्वारा तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। आप यू-ट्यूब पर जा सकते हैं और मेरा बयान सुन सकते हैं। मैंने ऐसा कभी नहीं कहा।” मंत्री ने कहा, “न तो मैं किसी पद का दावेदार हूं और न ही मैं किसी दौड़ में शामिल हूं। गौर करने वाली बात ये है कि मैं आश्वस्त हूं कि हमें 2014 के मुकाबले विशाल जनादेश मिलेगा और मोदी जी फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे।”

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