कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को अमेरिका के कॉर्नेल विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और अर्थशास्त्री कौशिक बसु को दिए एक इंटरव्यू में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली को नष्ट करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली को नुकसान पहुंचा रही है। भारत में हर संस्था की स्वतंत्रता पर हमला किया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा, वह संस्थानों में अपने लोग भर रहे हैं। यहां तक कि अगर हम चुनाव में भाजपा को हरा भी दें, हमें आंतरिक ढांचे में उनके लोगों से छुटकारा नहीं मिलने वाला है।

उन्होंने कहा कि चाहे न्यायालय हो, चाहे इलेक्शन कमीशन हो या कोई भी स्वतंत्र संस्था पर एक ही आइडियोलॉजी का लोगों का कब्जा है। उन्होंने कहा कि मीडिया से लेकर न्यायालय तक को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मणिपुर में राज्यपाल बीजेपी की मदद कर रहे हैं, पडुचेरी में उपराज्यपाल ने कई बिल को पास नहीं होने देना, क्योंकि वो आरएसएस से जुड़ी थीं।

राहुल ने 1975 में लगाई गई इमरजेंसी को इंदिरा गांधी की गलती बताते हुए कहा कि ये दादी की गलती थी, मगर पार्टी ने इसका फायदा नहीं उठाया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लेकिन जो अभी हो रहा है और जो उस समय हो रहा था, दोनों में काफी बड़ा फर्क है। कांग्रेस पार्टी ने कभी भी भारत के संवैधानिक ढांचे को हथियाने की कोशिश नहीं की। पार्टी का डिजाइन इसकी अनुमति नहीं देता है। अगर हम चाहें भी तो ऐसा नहीं कर सकते हैं।

राहुल ने एक वाकया याद करते हुए बताया कि मिस्त्र में जब होस्नी मुबारक 97 प्रतिशत वोटों के साथ जीते तो उन्हें बड़ा आश्चर्य हुआ। राहुल यह विश्वास नहीं कर पा रहे थे कि किसी को इतना समर्थन मिल सकता है। उन्हें इसकी सच्चाई का पता तब चला जब वे कुछ वर्षों बाद एक कॉन्फ्रेंस में भाग लेने मिस्त्र गए। वहां उनके बगल वाली कुर्सी पर एक जज बैठा था। उन्हें अटपटा लगा लेकिन यह समझ गए कि मिस्त्र में सभी संस्थाओं पर एक ही पार्टी और विचारधारा का कब्जा था। राहुल ने कहा कि भारत में भी आज यही हो रहा है।